हंडिया। प्रशासन और समाज के बीच बेहतर संवाद के लिए समय-समय पर विभिन्न बैठकों का आयोजन किया जाता है, लेकिन ग्राम हंडिया की बक्फ बोर्ड कमेटी की अध्यक्षा शाहिस्ता परवीन का कहना है कि उन्हें इन बैठकों से लगातार दूर रखा जा रहा है।
शाहिस्ता परवीन ने आरोप लगाया है कि तहसील कार्यालय, ग्राम पंचायत हंडिया और थाना हंडिया द्वारा आयोजित बैठकों की उन्हें सूचना नहीं दी जाती। उनका कहना है कि शांति समिति जैसी महत्वपूर्ण बैठकों में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता, जबकि वे एक जिम्मेदार सामाजिक प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र की समस्याओं और सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाने की भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसी समुदाय के प्रतिनिधि को बैठक की जानकारी ही नहीं मिलेगी, तो वह अपने समाज की बात संबंधित मंच तक कैसे पहुंचा पाएगा। उनका मानना है कि प्रशासनिक बैठकों में सभी वर्गों और समुदायों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि हर पक्ष की बात सुनी जा सके।
बक्फ बोर्ड अध्यक्षा ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में आयोजित होने वाली बैठकों की सूचना उन्हें भी समय पर दी जाए, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें और क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक सौहार्द से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रख सकें।
अब देखना यह होगा कि शाहिस्ता परवीन द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर संबंधित विभाग और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं तथा भविष्य में बैठकों में सभी प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

