मुंबई। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,635.67 अंक (2.22 प्रतिशत) लुढ़ककर 25 महीने से अधिक के निचले स्तर 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 488.20 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ जो इसका करीब एक साल का निचला स्तर है। पश्चिम एशिया संकट और उद्योगों पर उनके प्रभाव के कारण शेयर बाजारों में शुरू से ही बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स एक हजार अंक से अधिक की गिरावट में खुला। दोपहर बाद बाजार पर दबाव और बढ़ गया। मझौली तथा छोटी कंपनियों में बिकवाली ज्यादा देखी गयी।
वृहत सूचकांकों में निफ्टी मिडकैप-50 में 2.68 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 2.66 फीसदी की गिरावट रही। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भारी दबाव रहा। ऑटो, मीडिया, एफएमसीजी, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांकों में भी अधिक गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर पांच प्रतिशत से ऊपर टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और ट्रेंट के शेयर तीन से चार प्रतिशत तक लुढ़के। भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और सनफार्मा के शेयर दो से तीन प्रतिशत फिसल गये। एशियन पेंट्स, अडानी पोट्र्स, इटरनल, एलएंडटी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल और मारुति सुजुकी के शेयरों में एक से दो फीसदी की गिरावट रही। हिंदुस्तान यूनीलिवर, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी लाल निशान में रहे। टेक महिंद्रा का शेयर डेढ़ प्रतिशत से अधिक चढ़ा।

