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CM मोहन यादव ने सराहा ‘नर्मदा अमृत’ मॉडल, कचरे से बन रही जैविक खाद

केके यदुवंशी पत्रकार 

सिवनी मालवा।नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पहल को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। नगर पालिका द्वारा विकसित ‘नर्मदा अमृत’ ब्रांड जैविक खाद मॉडल का चयन कर विश्व पर्यावरण दिवस पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागृह में आयोजित प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।

प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉडल का अवलोकन कर कार्यप्रणाली समझी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में नगर पालिका के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।

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नगर पालिका स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत 15 वार्डों से रोज घर-घर कचरा संग्रहण, पृथक्करण और परिवहन कर रही है। दमाड़िया स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में गीले कचरे से वैज्ञानिक विधि से खाद तैयार कर ‘नर्मदा अमृत’ नाम से किसानों को ₹5 प्रति किलो की दर पर दी जा रही है। नगर के पार्कों और पौधारोपण कार्यक्रमों में भी इसका उपयोग हो रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन ने मुख्यमंत्री को मॉडल की जानकारी दी। साथ में प्लास्टिक मुक्त अभियान के कपड़े के झोले और विकास कार्यों का ब्रोशर भी भेंट किया। इस मौके पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमर सिंह उइके, स्वच्छता निरीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार शर्मा, परियोजना समन्वयक सचिन मलैया मौजूद रहे।

नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन ने कहा कि प्रदेश स्तर पर मॉडल का चयन नगर के लिए गौरव की बात है। सीएमओ अमर सिंह उइके ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार खाद बनाकर किसानों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बल मिला है।

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी बृजेश शर्मा ने भी मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि सभी निकायों को नियम 2026 का पालन कर शहर के कचरे का उचित प्रबंधन करना चाहिए।