गुजरात में Chandipura Virus का कहर एक माह में 12 बच्चों की मौत, 3 केस की पुष्टि, कई जिलों में हाई अलर्ट
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 गुजरात। प्रदेश में चांदीपुरा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। पिछले एक महीने में वायरस के संदिग्ध मामलों में 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 3 मामलों की पुष्टि पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान NIV से हो चुकी है। साबरकांठा, अरावली, खेड़ा और महिसागर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं।
कहां-कहां मिले मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक संदिग्ध 12 मरीजों में से 4 साबरकांठा, 3 अरावली, 1-1 महिसागर और खेड़ा जिले से हैं। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के 3 बच्चों का भी गुजरात में इलाज चल रहा है। हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। अरावली के एक 4 साल की बच्ची की मौत की पुष्टि NIV द्वारा चांदीपुरा पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
गुजरात सरकार ने प्रभावित इलाकों में गहन निगरानी शुरू कर दी है। अब तक 4,487 घरों में 18,646 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 2,093 घरों में कीटनाशकों का छिड़काव भी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि वायरस संक्रामक नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। सभी संदिग्ध नमूने जांच के लिए पुणे NIV भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने में 12 से 15 दिन लगते हैं।
राजस्थान और अन्य राज्यों में अलर्ट
गुजरात से सटे राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरवाड़ा ब्लॉक में भी 2 संदिग्ध केस मिले थे। वहां स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम तैनात कर घर-घर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। राजस्थान में अभी तक कोई पुष्ट केस दर्ज नहीं हुआ है।
क्या है चांदीपुरा वायरस और कैसे फैलता है
चांदीपुरा वायरस एक वेक्टर जनित बीमारी है। यह मच्छर, सैंडफ्लाई और कीटों के काटने से फैलता है। यह वायरस सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है और दिमाग में सूजन पैदा करता है। इसका पहला मामला 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में मिला था, इसलिए इसका नाम चांदीपुरा पड़ा।
लक्षण क्या हैं
डॉक्टरों के अनुसार 9 महीने से 14 साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
– अचानक तेज बुखार
– उल्टी और दस्त
– दौरे पड़ना
– सिरदर्द और ऐंठन
– दिमाग में सूजन
लक्षण दिखने के 48 से 72 घंटे के भीतर स्थिति गंभीर हो सकती है।
बचाव के उपाय
1. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर न पनपें
2. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
3. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
4. बच्चों में तेज बुखार, उल्टी या दौरे दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
सरकार की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। स्कूलों, आंगनवाड़ी और हेल्थ वर्कर्स को भी निगरानी में लगाया गया है ताकि बुखार के केस तुरंत पकड़े जा सकें।

