छीपाबड़ : लोनी गांव जमीन विवाद: मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, आरोपियों के मकान पर चले बुलडोजर ! हत्यारों को फांसी देने की मांग ! दोषी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग !
हरदा। बीते कल छीपाबड़ थाना क्षेत्र के लोनी गांव में हुई खूनी संघर्ष हुआ। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वही मृतक की पत्नी जिला अस्पताल में भर्ती है। इस जमीन विवाद मामले में आज मृतक के भाई ने हरदा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत आवेदन देते हुए। मांग की है कि मेरे भाई के हत्यारों को फांसी की सजा हो।
उनके मकान पर बुलडोजर चले। एवं पूर्व में हुए जमीन विवाद में छीपाबड़ थाने में कई बार शिकायत की लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की। ऐसे लापरवाह पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त किया जावे। ओर परिवार को आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
,,क्या लिखा है शिकायत आवेदन में,,
प्रति,
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय
जिला हरदा मध्य प्रदेश,
आरोपीगण: 1 कारण सिंह पिता मांगीलाल जाती शिकारी उम्र 60 वर्ष निवासी लोनी,
2 राहुल सिंह पिता करण सिंह शिकारी, उम्र 25 वर्ष निवासी लोनी,
3 मनीषा बाई पति राहुल सिंह शिकारी उम्र 20 वर्ष निवासी लोनी,
फरियादी पक्ष
1 राधाबाई पति शिवनारायण (मृतक की पत्नी)
एवं समस्त मृतक परिवार ग्राम लोनी, थाना छिपावड
विषय :- मेरा छोटा भाई शिवनारायण पिता गेंदालाल की धारदार हथियार से हत्या करने वाले परिवार का बुलडोजर से घर ध्वस्त करने, आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने, छीपाबड़
पुलिस की घोर लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने बाबत ।
उपपरोक्त विषय में निवेदन है कि वर्ष अक्टूबर 2020 में करण सिंह पिता मांगीलाल, राहुल सिंह पिता करण सिंह, रितु सिंह पिता करण सिंह, गोमा सिंह पिता भगनसिंह के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 323 294 506 और 325 के अंतर्गत थाना छिपावड में रिपोर्ट रजिस्टर्ड की गई थी, जिसका प्रकरण माननीय व्यवहार न्यायालय खिड़कियां में निर्णयाधीन है।
इस प्रकरण में मेरा छोटा भाई और मेरे भाई की पत्नी दोनों गवाह थे। आरोपी गण इस रिपोर्ट में दोनों पति पत्नी को गवाही नहीं देने का दबाब बनकर बार-बार धमकी दे रहे थे। पिछले वर्ष धमकी के साथ इन्हीं आरोपियों ने मेरे भाई को खेत में गले के गमछे से गला कसकर जान से मारने की कोशिश की थी। इस संबंध में हमने थाना छीपाबड़ में रिपोर्ट करने गए थे।
लेकिन तत्कालीन छीपाबड़ पुलिस श्री दीक्षित जी, रामनारायण दुबे जी, श्रीवास्तव जी, ने कोई रिपोर्ट नहीं लिखी थी। मृतक की पत्नी राधाबाई पुलिस के सामने रोती रही बिलखती रही लेकिन छिपावड पुलिस ने चिल्ला चोट करके मृतक शिवनारायण को और उसकी पत्नी को थाने से भगा दिया था रिपोर्ट नहीं लिखी थी।
श्रीमान जी उस समय परिवार वालों ने मुझे सूचना दी तब मैंने 100 नंबर की पुलिस को फोन किया । पुलिस से बात की। जिस समय मेरे भाई को एंबुलेंस की और छीपाबड़ पुलिस की सख्त आवश्यकता थी उस समय यह दोनों ही मौके पर नहीं पहुंचे। बाद में गांव में पुलिस की गाड़ी आई थी।
लेकिन पुलिस आरोपी गण के घर के सामने से ही मृतक परिवार से संपर्क किए बिना ही छीपाबड़ चली गई। उन्होंने ना तो पीड़ित को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया और नहीं पीड़ित परिवार की कोई सहायता की। बिना मिले ही गांव से पुलिस वापस छिपावड थाना चली गई।
श्रीमान जी यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती छीपाबड़ पुलिस समय पर पहुंच जाती तो आज मेरा भाई जीवित होता। आरोपी करण सिंह पिछले 10 वर्षों से गांजा का धंधा करता है पुलिस ने कभी उसको नहीं रोका। इसकी जानकारी भी हमने पुलिस को दी थी। करण सिंह गांजा भी बेचता था और गांव के 10 लोगों को बिठाकर पिलाता भी था।
जो लोग इसके साथ गांजा पीते थे वह सभी लोग करण सिंह आरोपी के मार्गदर्शक थे जिसमें गुड्डू पटेल, पप्पू पवार, भागवत भीलाला, यह लोग 24 घंटे उसके घर बैठकर गांजा पीते थे नशा करते थे और इस प्रकार के लड़ाई झगड़ा करने के प्लानिंग करते थे। जो इतनी भयंकर घटना घटित हुई उसके पीछे उनके भी हाथ है।
इसलिए श्रीमान जी से हमारा अनुरोध है कि छीपाबड़ पुलिस को उसकी घोर लापरवाही के लिए बर्खास्त किया जाए। आरोपीगण एक ही परिवार के हैं एक ही घर में रहते हैं इसलिए बुलडोजर से उनका घर ध्वस्त किया जाए, पीड़ित परिवार के पक्ष को शासन से आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
सभी आरोपियों को जिन्होंने मेरे भाई को बेरहमी से मारा पूरी प्लानिंग के साथ मारा ऐसे हत्यारों को फांसी से कम सजा नहीं दी जाए। जो करण सिंह आरोपी के साथी गण है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता
राधाबाई पति शिवनारायण (मृतक की पत्नी)
एवं समस्त मृतक परिवार ग्राम लोनी, थाना छिपावड

