झुंझूनु। किसान कल्याण प्रतिबद्धता सिद्ध करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के झुंझूनु से किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत डिजिटल राशि का भुगतान किया। करीब 35 लाख किसानों के खातों में 3,900 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीराथ चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसानों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। विभिन्न राज्यों के लाखों किसान व लाभार्थी वर्चुअल माध्यम से समारोह से जुड़े रहें।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अद्भुत भारत का निर्माण हो रहा है। राजस्थान को जल्द ही यमुना, चंबल के साथ-साथ सिंधु नदी का पानी भी मिलने वाला है। भारत के द्वारा पहलगाम के आतंकी हमले का मजबूती से बदला लिया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत ने अपनी क्षमता से निर्णय लिया। जब पाकिस्तान झुका और शरण में आया तब हमारी ओर से कार्रवाई रोकी गई।
श्री चौहान ने कहा कि पहले कि सरकार द्वारा फसल बीमा की राशि पूरी तहसील या ब्लॉक की फसल बर्बाद होने के बाद ही दी जाती थी लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पुरानी सारी योजनाओं को निरस्त करते हुए ऐसी बीमा योजना बनाई के जिसके अंतर्गत एक गांव क्या एक किसान की भी अगर फसल बर्बाद हुई तो बीमा की राशि दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मात्र एक योजना ही नहीं बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सरकार किसानों की जिंदगी सुखद बनाने का कार्य कर रही है। पौने चार लाख करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सीधे किसानों के खातों में वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 2016 में शुरुआत से अब-तक 2 लाख 12 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं। खाद की सब्सिडी में भी सरकार ने बड़े स्तर पर किसानों को मदद पहुंचाने की कोशिश की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज यूरिया की 45 किलो की एक बोरी किसानों को 266 रुपये में मिलती है, इसकी असली कीमत 1,633 रुपये 24 पैसे है। 266 रुपये से ऊपर की सभी राशि का वहन सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में किया जाता है। डीएपी की 50 किलो की बोरी किसानों को 1,350 रुपये में मिलती है, जिसकी असली कीमत है 3,100 रुपये। अब-तक 14 लाख 6 हजार करोड़ रुपये सस्ते खाद के लिए फर्टिलाइजर कंपनियों को दिए जा चुके हैं।

