बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात ! मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा असर! नर्मदा पुरम,हरदा और बैतूल मे तापमान की गिरावट के साथ चलेगी ठंडी हवाए
हरदा जिले के मौसम की पूर्व संभावना के अनुसार अगले 24 घंटों में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, हरदा में आज बारिश के साथ धुंध छाए रहने की संभावना है, तापमान 27-29°C के बीच रहेगा और रात में तापमान 20-22°C के बीच गिर सकता है। बारिश की संभावना 90% है, और हवा की पूर्व से पश्चिम की ओर 5-10 मील प्रति घंटा चलने की संभावना है।
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल । बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र ने मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 27 अक्टूबर तक यह सिस्टम गहराते हुए चक्रवात का रूप ले सकता है, जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के रूप में असर डालेगा। ओडिशा सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है।
मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है।
कहां-कहां हो सकती है बारिश
पूर्वी मप्र के जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, मंडला और शहडोल में 27 से 29 अक्टूबर के बीच बूंदाबांदी और हल्की गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग नर्मदापुरम ,हरदा और बैतूल में तापमान में गिरावट के साथ बादल और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है।
तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं की शुरुआत
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के बाद ठंडी हवाओं का रुख प्रदेश की ओर मुड़ सकता है। इससे रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह मौसम में ठंड के शुरुआती संकेत होंगे।
मप्र की कृषि पर संभावित असर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश हल्की रहती है, तो यह गेहूं, चना और सरसों की बोवनी के लिए लाभदायक हो सकती है। लेकिन कहीं-कहीं तेज़ बारिश हुई तो खड़ी सोयाबीन और धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग की अपील
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने किसानों और आम जनता से अपील की है कि वे मौसम अपडेट्स पर नजर रखें, और खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसी पुराने मकान की दीवाल या छत के नीचे भी खड़े न हो खतिग्रस्त पुल पुलिया को पार करते समय सावधानी रखे।

