jhankar
ब्रेकिंग
आज का सुविचार - किस्मत नहीं, मेहनत बोलती है मध्यप्रदेश में मानसून की आखिरी बारिश जारी..., मंडला में गणेश पंडाल में सो रहे लोगों को लगा करंट, 4 की मौत और 2 की हालत गंभीर 5 दिन तक बैंक रहेंगे बंद, लाखों ग्राहक एटीएम के भरोसे आज हरदा में केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके का दौरा, गौशाला और सेवा संकल्प कार्यक्रम में होंगे श... ट्रंप ने हमें बचा लिया...', UNGA में शहबाज शरीफ के भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का खौफ, फिर की अमेरिका की ... मोरन नदी पर पक्का घाट नहीं होने से गणेश विसर्जन में हुई परेशानी हंडिया : गणपति विसर्जन! प्रशासन की मुस्तैदी के बीच घाट से ब्रिज तक दिखीं कुछ तस्वीरें, जिन पर ध्यान ... हरदा की श्रद्धा बुच गुर्जर ने MPSI 2025 में हासिल की सफलता, बनीं पुलिस उपनिरीक्षक पहले प्रयास में UR... हंडिया : नमामि भारतम् के तहत गूंजा ‘वंदे मातरम्’, 300 प्रतिभागियों ने किया सामूहिक गायन

सिंहस्थ 2028: उज्जैन में महाकाल प्रांगण का विस्तार शुरू

उज्जैन। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारी लगातार चल रही है। वहीं महाकाल मंदिर परिसर का कायाकल्प तेज़ी से होता नजर आ रहा है। भक्तों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर का आंगन तीन गुना बढ़ा दिया गया है। पहले जहां मंदिर परिसर 25 हजार वर्गफीट में सीमित था, अब यह 78 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैला होगा।

1400 करोड़ की लागत से हो रहा विस्तार

- Install Android App -

महाकाल परिसर का यह भव्य विस्तार तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले और दूसरे फेस में अब तक 1102 करोड़ रुपए की लागत से काम पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरे फेस के लिए 300 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। मंदिर प्रांगण विस्तार के बाद सिंहस्थ 2028 के दौरान प्रतिदिन 10 लाख श्रद्धालुओं महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। पिछले सिंहस्थ 2016 में एक दिन में करीब 1 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे, जबकि इस बार संख्या 10 गुना तक बढ़ने का अनुमान है।

भक्तों को कम समय में होंगे दर्शन

दर्शनार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में 10 मार्ग तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर 15 तक बढ़ाया जाएगा. दर्शन मार्ग इस तरह से बनाए जा रहे हैं कि भक्तों को कम समय में और सहजता से दर्शन हो सकें। इसके साथ ही सदावल में नया हेलीपेड भी तैयार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।