jhankar
ब्रेकिंग
सहायक सचिव पर पूर्व में लग चुके आरोप: मनरेगा खाते से राशि निकालने और धमकी देने का आरोप, कलेक्टर से क... आदेश के बावजूद सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 में बनाए रखने पर सवाल, संरक्षण के आरोप विकास के दौर में कीचड़ से गुजरी तिरंगा यात्रा, हंडिया की सड़क ने दिखाई जमीनी हकीकत हरदा जिले की खास खबरों की झलक 18 अगस्त 2026 हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा खिरकिया, कावड़ यात्रियों पर जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा पालकी में सवार होकर निकले भोलेनाथ, जयकारों से गूंजा सिराली अमृत-2 योजना में पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने लगाया लापरवाही का आरोप   कच्ची सड़कों से त्रस्त गांव वाले, बोले - पक्की सड़क नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार ऑपरेशन के बाद भी पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, दिव्यांग पति ने कलेक्टर से मांगी आर्थिक सहायता कलेक्टर हरदा ने तत्कालीन तहसीलदार श्रीमती एक्का पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की ! 13 माह बाद ...

लगातार दूसरे दिन गिरी सोना-चांदी की कीमतें

नई ‎दिल्ली। भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में 24, 22 और 18 कैरेट सोने के दामों में लगभग 10 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी आई है। यह गिरावट मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे वैश्विक कारकों के कारण हुई है, जिसने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को प्रभावित किया है। वहीं सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी देखी गई है। शुक्रवार को सुबह चांदी करीब 100 रुपये गिरकर 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

- Install Android App -

इससे पहले भी चांदी में एक बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है। दिल्ली में 18 कैरेट सोना 1,15,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि मुंबई में यह 1,15,150 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। यह गिरावट हाल की तेज गिरावट के बाद आई है, जब दिल्ली में 24 कैरेट सोने में एक ही दिन में 900 रुपये तक की कमी देखी गई थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना करीब 4,738.40 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी (जो लगभग 4.32 फीसदी तक पहुंच गई है, सोने की मांग पर दबाव बना रही हैं। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के बजाय अन्य, अधिक आकर्षक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।