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गाजा में हमास ने फिर किया कत्लेआम, बंधकों को अपने साथ ले गए

गाजा। गाजा में संघर्षविराम के बाद भी हमास शांति व्यवस्था का दुश्मन बना हुआ है। यहां बीच सड़क पर हमास ने कई लोगों का कत्ल किया और कुछ बंधकों को अपने साथ ले गए। अमेरिका की मध्यस्थता के बीच हुए शांति समझौते के बाद मचाए गए इस कोहराम के बारें में अमेरिका ने कहा है कि कुछ ऐसे गिरोह थे जिन्हे बहुत बुरा कहा जाता था, जिसका खात्मा हमास ने किया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि हमास ने कई बुरे गिरोहों को खत्म किया है। ईमानदारी से कहूं तो इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि हमास को अपने हथियार डालने होंगे और अगर नहीं किया तो हम उन्हें निहत्था करेंगे। ट्रंप की मध्यस्थता से लागू संघर्षविराम योजना के तहत हमास को निरस्त्र होकर सत्ता एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी निकाय को सौंपनी है, लेकिन वह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
गाजा में संघर्षविराम के बीच हमास ने सड़कों पर दोबारा नियंत्रण करने की कोशिश की है। इसके लिए अभियान भी चलाया है। इस दौरान हमास के लड़ाकों ने कई संदिग्ध अपराधियों को मार गिराया। हमास ने इसे कानून-व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कोशिश बताया है। हालांकि इस कार्रवाई से एक ओर स्थानीय लोगों में राहत की भावना दिखी है, वहीं दूसरी ओर यह संघर्षविराम को अस्थिर करने वाला कदम भी साबित हो सकता है। हमास अब भी अपने हथियार नहीं डालने के फैसले पर अड़ा हुआ है।इजरायल के हमलों के बाद पिछले महीनों में गाज़ा में कानून-व्यवस्था लगभग खत्म हो गई थी।

हमास के सुरक्षा बलों के हटने के बाद स्थानीय गिरोहों और प्रभावशाली परिवारों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया था, जिन पर मानवीय सहायता लूटने और उसकी कालाबाजारी करने के आरोप हैं। पिछले हफ्ते हमास ने डॉगमश परिवार से जुड़े एक गिरोह पर धावा बोला, जिसमें लगभग दो दर्जन लोग मारे गए। मृतकों में एक स्थानीय पत्रकार और हमास नेता के बेटे भी शामिल होने की खबर है।स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि मारे गए लोग गद्दार थे जो इजरायल से मिले हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हमास बलों को आठ लोगों को सरेआम गोली मारते हुए दिखाया गया। इस घटना की मानवाधिकार संगठनों (अल मेजान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स और पैलेस्टीनियन इंडिपेंडेंट कमीशन फॉर ह्यूमन राइट्स) ने कड़ी निंदा की है। हमास के गृह मंत्रालय ने एक सप्ताह के लिए आम माफी की घोषणा की है, जिसमें कहा गया है कि जिन गिरोह सदस्यों का हाथ हत्या में नहीं है वे आत्मसमर्पण कर अपना रिकॉर्ड साफ कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक सुरक्षा या नागरिकों के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं करेगा। यह अंतिम चेतावनी है। हमास का कहना है कि वह रॉकेट जैसे आक्रामक हथियार सौंप सकता है, लेकिन आत्मरक्षा के लिए हल्के हथियार रखना चाहता है।