हंडिया।सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय, हंडिया के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन जिस मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं, वह आज खुद एक बड़ा खतरा बन चुका है। लगभग 25 से 30 मीटर लंबे इस रास्ते पर कच्ची, टूटी-फूटी सड़क, फैला कचरा और झाड़-झंखाड़ मासूम बच्चों के लिए रोज़ाना जोखिम पैदा कर रहे हैं।
बारिश में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे बच्चों के फिसलकर गिरने की आशंका बनी रहती है। गर्मी में उड़ती धूल और गंदगी से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मासूम बच्चे रोज इसी अव्यवस्थित रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह रास्ता किसी विभाग की प्राथमिकता में ही नहीं दिखता। जरूरत पड़ने पर यहां सिर्फ मुरुम पटककर इतीश्री कर ली जाती है, जबकि स्थायी और सुरक्षित समाधान की कोई सोच नहीं दिखाई देती। यह सीधे तौर पर जिम्मेदार तंत्र की उदासीनता को उजागर करता है।
यह रिपोर्ट केवल एक समस्या नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो किसी दिन किसी मासूम की चोट या हादसे की जिम्मेदारी किसकी होगी?
अब निगाहें जिम्मेदार विभागों पर हैं कि वे इस खबर को पढ़कर जागते हैं या फिर किसी अनहोनी के बाद ही हरकत में आते हैं।

