jhankar
ब्रेकिंग
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जिलास्तरीय परिचर्चा प्रतियोगिता में LBS कॉलेज की छात्राओं ने हासिल क... हंडिया : एक ही शासकीय रास्ता, दो विरोधाभासी रिपोर्ट और शिकायतों की लंबी कड़ी: तहसीलदार से 181 और ADM... 12वीं पूरक परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए कॉलेज एडमिशन पोर्टल 7 दिन खोलने की मांग शराब में मिलावट का वीडियो वायरल, बाबूजी लिकर्स के कर्मचारियों पर आरोप सेवा संकल्प अभियान के तहत परियोजना हरदा के 267 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ... सेवा संकल्प अभियान के तहत एक दिवसीय स्टार्टअप बूट कैम्प का हुआ आयोजन मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 6 प्रकरण दर्ज इंटर जनरेशनल बॉन्डिंग एक्टिविटीज से जुड़े युवा पीढ़ी और वरिष्ठजन खुशियों की दास्तां : पीएम स्वनिधि योजना बनी सहारा, हरदा के प्रवीण शर्मा की बदली जिंदगी अधिकारियों ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं

हंडिया : एक ही शासकीय रास्ता, दो विरोधाभासी रिपोर्ट और शिकायतों की लंबी कड़ी: तहसीलदार से 181 और ADM तक पहुंचे तिवारी, फिर भी कार्रवाई का इंतजार

हंडिया। बस स्टैंड क्षेत्र के शासकीय रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर शिकायत का मामला अब दो विभागीय रिपोर्टों के विरोधाभास और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ता सचिन तिवारी ने मामले को लेकर सबसे पहले तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया।

वहां से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के निराकरण के दौरान सामने आई पटवारी की दो रिपोर्टों में अंतर दिखाई देने के बाद तिवारी ने ADM के समक्ष भी शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि इसके बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

पहले तहसीलदार को दिया आवेदन

शिकायतकर्ता सचिन तिवारी के अनुसार उन्होंने बस स्टैंड क्षेत्र के शासकीय रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर सबसे पहले तहसीलदार को आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि आवेदन देने के बाद भी जब मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अपनी शिकायत CM हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई।

इसी शिकायत के निराकरण के दौरान अब दो अलग-अलग रिपोर्ट सामने आने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

7 अगस्त को अतिक्रमण, 20 अगस्त को रास्ता अतिक्रमण मुक्त

मामला CM हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 38457465 से जुड़ा है। शिकायत के संबंध में 7 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में खसरा नंबर 98 के शासकीय रास्ते के दोनों ओर दुकानदारों द्वारा सामग्री रखकर अस्थायी अतिक्रमण किए जाने का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में संबंधित दुकानदारों को सूचना पत्र दिए जाने की बात भी सामने आई।

इसके करीब 13 दिन बाद 20 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में उसी रास्ते को पूरी तरह खुला और अतिक्रमण मुक्त बताया गया।

यहीं से शिकायतकर्ता के सवाल और गंभीर हो गए।

13 दिन में क्या कार्रवाई हुई?

सचिन तिवारी का कहना है कि यदि 7 अगस्त को अतिक्रमण पाया गया था तो 20 अगस्त तक ऐसी कौन-सी कार्रवाई हुई, जिसके आधार पर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त बताया गया?

उनकी मांग है कि यह स्पष्ट किया जाए—

क्या इस दौरान दोबारा मौके का निरीक्षण किया गया?

क्या संबंधित दुकानदारों ने सामग्री हटाई?

क्या अतिक्रमण हटाने का पंचनामा बनाया गया?

- Install Android App -

क्या कार्रवाई की कोई फोटो या अन्य रिकॉर्ड तैयार किया गया?

20 अगस्त की रिपोर्ट किस मौके के निरीक्षण के आधार पर तैयार हुई?

शिकायतकर्ता का कहना है कि इन सवालों का स्पष्ट जवाब अभी तक सामने नहीं आया है।

रिपोर्टों में अंतर के बाद ADM तक पहुंचे तिवारी

तिवारी के अनुसार 181 की शिकायत में सामने आई दोनों रिपोर्टों में अंतर देखने के बाद उन्होंने मामले को लेकर ADM के समक्ष भी शिकायत और आवेदन प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की, लेकिन ADM स्तर पर शिकायत करने के बाद भी अभी तक उन्हें ऐसा कोई स्पष्ट परिणाम नहीं मिला, जिससे मामला समाप्त माना जा सके।

खसरा 98 और 89/2 की स्थिति भी स्पष्ट करने की मांग

शिकायतकर्ता ने खसरा नंबर 98 और 89/2 से संबंधित राजस्व स्थिति की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर मौके का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, ताकि शासकीय रास्ते की वास्तविक सीमा और मौके की वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो सके।

उनका कहना है कि केवल रिपोर्ट तैयार कर देने से विवाद का समाधान नहीं होगा। राजस्व अभिलेख, मौके की स्थिति और पूर्व में तैयार की गई दोनों रिपोर्टों का मिलान किया जाना जरूरी है।

अब सवाल अतिक्रमण से आगे, रिपोर्टों के आधार तक पहुंचा

पूरे मामले में अब शिकायतकर्ता का सवाल केवल अतिक्रमण को लेकर नहीं है। सवाल यह भी है कि एक ही शिकायत में 7 अगस्त को अतिक्रमण पाए जाने की बात और 20 अगस्त को उसी रास्ते को अतिक्रमण मुक्त बताए जाने के बीच वास्तव में क्या कार्रवाई हुई?

यदि अतिक्रमण हटाया गया था तो उसकी कार्रवाई का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए। यदि अतिक्रमण नहीं था तो 7 अगस्त की रिपोर्ट में उसका उल्लेख किस आधार पर हुआ, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

तहसीलदार से ADM तक शिकायत, फिर भी इंतजार

सचिन तिवारी का कहना है कि उन्होंने पहले तहसीलदार को आवेदन दिया, कार्रवाई नहीं होने पर 181 पर शिकायत की और रिपोर्टों में अंतर सामने आने के बाद ADM तक शिकायत पहुंचाई। इसके बावजूद अभी तक उन्हें मामले में अपेक्षित कार्रवाई या स्पष्ट समाधान नहीं मिला है।

फरियादी का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और अब चाहते हैं कि उन्हें केवल औपचारिक जवाब देने के बजाय मौके का निष्पक्ष निरीक्षण, सीमांकन, पंचनामा और दोनों रिपोर्टों के आधार की जांच कर स्पष्ट स्थिति बताई जाए।

अब देखना यह है कि तहसीलदार से शुरू होकर CM हेल्पलाइन 181 और ADM तक पहुंच चुके इस मामले में संबंधित प्रशासन कब मौके की वास्तविक स्थिति और दोनों रिपोर्टों के बीच के अंतर को रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट करता है।