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हंडिया : जहां कोई भूखा नहीं लौटता: रामानन्द आश्रम में पहले कन्याओं का सम्मान, फिर ब्राह्मण भोजन और उसके बाद विशाल भंडारा!

मां नर्मदा की छांव में अन्नदान की अविरल धारा, हर माह चार बार सजता है सेवा का महाभंडारा

हंडिया। मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित श्री रामानन्द आश्रम एक बार फिर सेवा, संस्कार और सनातन परंपरा का जीवंत केंद्र बना। संत श्री सीताराम दास महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित भंडारे में दिनभर भक्तिभाव और सेवा का वातावरण बना रहा।

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आश्रम की विशेषता यह है कि यहां मां नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन कराया जाता है। इसके साथ ही प्रत्येक माह चार बार विशेष भंडारे का आयोजन कर अन्नदान की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जाता है।

आज आयोजित भंडारे की शुरुआत कन्या पूजन एवं कन्या भोजन से हुई। सनातन परंपरा के अनुसार कन्याओं को भोजन कराकर उनका सम्मान किया गया। इसके पश्चात ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराया गया। इसके बाद आश्रम के द्वार सभी श्रद्धालुओं और भक्तों के लिए खोल दिए गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

मां नर्मदा की कृपा और संत श्री सीताराम दास महाराज की प्रेरणा से संचालित यह सेवा कार्य न केवल परिक्रमा वासियों के लिए सहारा बन रहा है, बल्कि समाज को सेवा, समर्पण और अन्नदान का संदेश भी दे रहा है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने आश्रम की व्यवस्था और सेवा भावना की सराहना की।