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Harda News: हरदा जिला प्रशासन की तानाशाही, विधवा बुजुर्ग महिला का गरीबी रेखा का राशन कार्ड कर दिया निरस्त, परिवार गांव से पलायन करने को मजबूर

हरदा : खिरकिया विकास खंड की ग्राम पंचायत धनकार जो की भ्रष्टाचार के दल दल में डूबी हुई है। यहां गरीब परिवार के कुछ पढ़े लिखे युवाओं ने और महिलाओ ने पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार को बीते दो साल पहले उजागर किया। भ्रष्ट सरपंच सचिव के खिलाफ मोर्चा खोला।उसके बाद गांव की महिला पुरुषो ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया।
उसके बाद तत्कालीन जिला पंचायत सीइओ के द्वारा एक जांच दल का गठन करवाया गया । और जांच दल ने ग्राम पंचायत का रिकार्ड खंगाला तो लगभग 27लाख की रिकवरी पूर्व सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के ऊपर निकाली गई। इस ग्राम पंचायत में मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड चलाए गए थे। जिसका खुलासा हुआ। लेकिन रिकवरी के आदेश के बाद उन दबंग लोगो पर FIR दर्ज नही हुई।

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और प्रशासन ने वसूली भी पूरी नहीं की –

इसके बाद गांव के कुछ दबंग लोग इन गरीबों के दुश्मन बन गए। और भ्रष्ट अधिकारी भी इनमे शामिल है। और आज जिस युवा आनंद किरावर के नेतृत्व में प्रशासन को फायदा पहुंचाया गया। लाखो रुपए की रिकवरी निकलबाई गई। उस युवा के परिवार को गांव के ही कुछ लोगो के द्वारा जिला प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से प्रताड़ित किया जा रहा है। एक गरीब बुजुर्ग महिला जो की कच्चे मकान में अपने बेटे आनंद किरावर के साथ रहती है। उसका गरीबी रेखा का कार्ड निरस्त करवा दिया गया।

प्रशासन के अधिकारियों की हिटलर शाही देखिए। की उनको सिर्फ एक गरीब महिला से दिक्कत है। अगर वास्तव में गरीबी रेखा में पात्र अपात्र लोगो के नाम काटना था तो पूरे जिले में और उस ग्राम धनकार में और भी कही संपन्न लोग जो भु स्वामी उनके अभी भी गरीबी रेखा के कार्ड बने है। उन पर प्रशासन कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा। सिर्फ एक एससी वर्ग की गरीब महिला से ही उनको क्या परेशानी है। आज पीड़ित परिवार गांव छोड़ने को मजबूर है। और अधिकारी सुनने को तैयार नही है।