एक ही दिन दो धार्मिक पर्वों का संयोग, रातभर गूंजे भजन; महिलाओं ने मां नर्मदा की बालु से बनाए शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमाएं,,,
हंडिया। क्षेत्र में कल का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहा। सुबह चतुर्थी का पर्व मनाया गया, वहीं रात्रि में हरितालिका तीज की पूजा-अर्चना हुई। एक ही दिन दो धार्मिक पर्वों के संयोग से पूरे क्षेत्र में सुबह से लेकर रात तक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।
रात्रि में हरितालिका तीज को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। घर-घर पर्व की तैयारियां की गईं। महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से गजरा तैयार किया तथा मां नर्मदा की बालु से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाई। इसके बाद पंडित जी को आमंत्रित कर विधि-विधान से पूजन-पाठ कराया गया और हरितालिका तीज की कथा का श्रवण किया गया।
पूजन-पाठ और कथा के बाद भी भक्ति का क्रम रातभर जारी रहा। क्षेत्र के कई घरों में पूरी रात भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। भगवान शिव और माता पार्वती के भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने रात्रि जागरण करते हुए श्रद्धा और आस्था के साथ हरितालिका तीज का पर्व मनाया।
हरितालिका तीज पर महिलाओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर पति की दीर्घायु, सुखी दांपत्य जीवन तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पारंपरिक पूजा-पद्धति और रीति-रिवाजों के बीच पर्व ने क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को और गहरा कर दिया।
रात्रि में पूजन, कथा और भजन-कीर्तन के बाद सुबह महिलाओं ने पूजा में उपयोग की गई सामग्री तथा मां नर्मदा की बालु से बनाए गए शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक मां नर्मदा में विसर्जन किया।
इस प्रकार सुबह चतुर्थी और रात में हरितालिका तीज के धार्मिक संयोग से क्षेत्र में आस्था का अलग ही रंग देखने को मिला। पूजा-पाठ, कथा श्रवण, रातभर भजन और सुबह मां नर्मदा में विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ।

