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मानवता हुई शर्मसार! नवजात को बोरे में रखकर फेंका, रोने की आवाज सुनकर बच्चों ने बचाई जान

सतना। सतना जिले के भरहुत गांव से एक बार फिर मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक मां ने नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद जंगल में छोडक़र भाग गई। नवजात को भरहुत स्थित पुरातत्व विभाग की बाउंड्रीवाल के भीतर, एक कपड़े में लपेटकर बोरे में डालकर छोड़ दिया गया था। कुछ छोटे बच्चे भरहुत स्थल की बाउंड्री के अंदर जाकर खेल रहे थे, तभी कुछ बच्चों ने किसी बच्चे की किलकारी सुनी ओर खोजते हुए उसके पास तक पहुंच गए।

नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया गया
कुछ बच्चे नवजात की सुरक्षा के लिए वहीं रुक गए तो बाकी भागते हुए आकर गांव के बड़े बुर्जुगों की इसकी जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर गांव की सरपंच माया देवी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर देखा और पुलिस को सूचना दी। सरपंच की सूचना पर उंचेहरा थाना से सहायक उपनिरीक्षक संतोष सिंह, आरक्षक संतोष वर्मा, कौशल गुर्जर एवं आरक्षक शिवानी मेहरा तत्काल भरहुत गांव पहुंचे और नवजात को सुरक्षित निकालकर सिविल अस्पताल उंचेहरा में भर्ती कराया गया।

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अस्पताल में महिला चिकित्सक एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा नवजात का परीक्षण किया गया, जिसमें बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ बताया गया है। समय पर उपचार मिलने से नवजात की जान बच सकी। इस हृदयविदारक घटना के बीच सरपंच माया देवी की ममता जाग उठी. वे सुबह से नवजात की अपने पुत्र की तरह देखभाल और सेवा करती नजर आईं।

डेढ़ घंटे पहले ही जन्मा था बच्चा
सिविल अस्पताल उचेहरा में मौजूद महिला चिकित्सक और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्चा अस्पताल में आने के डेढ़ से दो घंटे पहले ही जन्मा था। डॉक्टर के मुताबिक, नवजात की नाल तक नहीं कटी थी और शरीर पर गंदगी लगी हुई थी। बच्चे की पूरी साफ-सफाई अस्पताल में की गई। डॉक्टर ने कहा कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बच्चे की जान जा सकती थी फिलहाल नवजात को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।