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ग्रामीणों के संघर्ष को देखकर भावुक हो गईं कृष्णा

मुंबई। ग्रामीणों के संघर्ष को करीब से देखने के बाद एक्ट्रेस कृष्णा श्रॉफ भावुक हो गईं और उनके नजरिए में गहरा बदलाव आया। रियलिटी शो छोरियां चली गांव की शुरुआत को अभी सिर्फ एक हफ्ता ही हुआ है, लेकिन कृष्णा श्रॉफ पहले ही एक बदली हुई ‘छोरी’ के रूप में नजर आने लगी हैं। शो के ताजा एपिसोड में उन्होंने खुद यह स्वीकार किया कि यह अनुभव उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित हो रहा है। इस एपिसोड में प्रतियोगियों को एक अनोखा ‘अग्नि परीक्षा’ टास्क दिया गया, जिसमें बाधा-पथ को पूरा करने के साथ-साथ गांववालों से मिलकर उनकी समस्याएं समझनी थीं।

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टास्क के दौरान कृष्णा ने संतोष और सीमा नामक ग्रामीण दंपति से मुलाकात की, जो हर बारिश में बमूलिया झील में आने वाली बाढ़ से जूझते हैं। घुटनों तक पानी में चलकर भी वे रोज़ी-रोटी कमाने के लिए काम पर जाने को मजबूर हैं। इस कठिनाई को देख कृष्णा ने बाढ़ की समस्या को अपना ‘बलिदान’ मुद्दा चुना। शो की परंपरा के अनुसार, इस समस्या का प्रतीकात्मक अंत एक पुतला जलाकर किया जाता है। बाधा-पथ पार करने में कृष्णा ने मात्र 46 सेकंड का समय लिया और ‘छोरी नंबर 1’ का खिताब अपने नाम कर लिया। हालांकि यह जीत उनके लिए गर्व का पल था, लेकिन उन्होंने माना कि असली उपलब्धि आत्म-साक्षात्कार है।