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मगरधा: गरीब आदिवासियों को मालगुजार ने वर्षों पहले रहने खाने को दी जमीन , अब मालगुजार की चौथी पीढ़ी ने धोखे में रखकर बेच दी।जमीन खाली करो नहीं तो जान से खत्म कर देंगे।

परिवार के 95 साल के बुजुर्ग का दावा, मेरे दादा को दी थी जमीन जब में 14 साल का था, पांच परिवार के लगभग सो सदस्यों का भरण पोषण इसी जमीन से हो रहा, नवागत कलेक्टर से मिलेगे पीड़ित आदिवासी।

हरदा। जिले के मगरधा में वर्षों पहले मालगुजार पारे परिवार के मुखिया वकील साहब ने आदिवासी परिवार को बसाया । और अब उनकी चौथी पीढ़ी ने हमको धोखे में रखकर हमारी जमीन हमसे छीनकर एक करोड़ चालीस लाख में बेच दी। मकड़ाई एक्सप्रेस से चर्चा में 95 साल के बुजुर्ग गूंजा ने कहा कि जब में 14 साल का था तब मेरे दादा को मालगुजार ने मुरलीखेड़ा में वीरान सुनसान जंगल में रहने को जगह दी। उस समय यहां पर शेर रहता था। और हमारे मवेशी बकरियों का शिकार करता था। शेर ने मेरे काका की गर्दन काटकर ले गया आज भी मेरे को याद है। जिस बंजर भूमि में हम रहते थे। ओर पूरा परिवार मालगुजार के घर काम करता था। मालगुजार ने मुरलीखेड़ा में जमीन रहने खाने को दी थी। ओर कहा यहां से मत जाना यही रहो।

ये जमीन तुमको रहने खाने को दे दी।हमने खून पसीना बहाकर बंजर जमीन को उपजाऊ खेती योग्य बनाया। ओर अब हमसे जमीन छीनी जा रही है।

बुजुर्ग ने ये भी कहा कि मालगुजार के उस समय मकड़ाई रियासत के राजा साहब देवी शाह ने हमको कहा था कि आप मेरे दरबार में चलो। लेकिन मालगुजार ने जाने नहीं दिया। हमको रोक लिया।

अब मालगुजार की चौथी पीढ़ी ने हमसे हमारी रोजी रोटी छीन ली। ओर दूसरे को बेच दिया।

 

जनसुनवाई में शिकायत की लेकिन एक माह बाद भी कोई अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचा।

 

बुजुर्ग ने कहा कि हमने 9 अप्रैल को जिला जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत की थी। लेकिन एक महीने बाद भी कोई अधिकारी देखने नहीं आया। आदिवासी परिवार की महिलाओं का कहना है । की हमारी जान को खतरा है। ये लोग जान से मारने की धमकी दे रहे है।

 

महिलाओं ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले भी हमारी जमीन पर बोरवेल मशीन लेकर कुछ दलाल गुंडे आए थे।

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हम सब महिलाओं ने रोक लगा दी। ओर उनको भगाया।

 

आदिवासी परिवार ने कहा कि नवागत कलेक्टर को जनसुनवाई में जाकर शिकायत करेंगे।

 

महिलाएं बोली सीएम शिवराज ने भी कहा कि जिस जमीन पर गरीब आदिवासी 15 साल से कब्जा चला आ रहा है। वो उसके मालिक रहेंगे। लेकिन हमारा तो 100 साल से कब्जा होने के बाद भी हमारी जमीन बेच दी।महिलाओं ने कहा कि जमीन हम नहीं छोड़ेंगे। प्रशासन हमें इंसाफ दिलाए।

 

न्याय नहीं मिलने पर हम भोपाल सीएम हाउस पैदल जायेगे।

 

इधर सूत्रों की माने तो संतोष पारे मगरधा क्षेत्र

मालगुजार परिवार है। इनके पूर्वजों ने पूर्व में कई लोगों को जमीन दान में दी है। उक्त मालगुजार ने आसपास के गरीब निर्धन परिवारों को गांव में लाकर बसाया था। और उनके रहने खाने पीने की व्यवस्था की थी। उनको रोजगार दिया था।

लेकिन वर्तमान में 100 साल बाद अब उनसे उनकी कब्जे वाली जमीन को छुड़ाया जा रहा।

 

पीड़ित परिवार ने अभिनव संतोष पारे सहित अन्य पर गुंडों से धमकाने काट कर फेक देने। उनके मकानों में आग लगा देने की भी धमकी दी है। इधर आदिवासी परिवार दहशत में है। उन्होंने जिला ओर पुलिस प्रशासन से मांग की है। की उनको उनकी जमीन से बेदखल नहीं किया जाए। और धमकाने वालो पर कार्यवाही की मांग की है।

नहीं उठाया फोन,,

धमकाने जमीन बेचने के संबंध में जब मालगुजार परिवार के अभिनव पारे से उनका पक्ष जानने के लिए कॉल किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।