भोपाल। प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार की एक और योजना में बदलाव कर दिया है। शिवराज सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना को बदलकर अब इसे अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025 कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में योजना में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
योजना में अब क्या बदल गया
शिवराज सरकार ने साल 2022 में पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना में पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल विकास और जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिलाने के लिए 3 से 5 साल के लिए जापान भेजा जाता था। अब इस योजना में संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस योजना पर सरकार अगले 3 सालों में 45 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना में हर साल पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।
लगातार चलती रहेंगी 17 योजनाएं
कैबिनेट की बैठक में जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की साल 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं को जारी रखने के लिए 17,864 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई। इसके तहत जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रुपए और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन के निर्माण योजनाओं के लिए 2487 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई।

