MP की सबसे बड़ी 21.05 करोड़ की क्रिप्टो ठगी का खुलासा, भाजपा जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, खाते में मिले 2.5 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 शाजापुर। ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर की गई मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने भाजपा के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है।
खाते में आए 50 लाख, जांच में खुली 11 ठगियों की परतें
राज्य साइबर सेल के अनुसार आरोपी के खाते में ग्वालियर में हुई ठगी की राशि में से 50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में उसने बताया कि ग्वालियर के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में हुई 11 साइबर ठगी की रकम भी उसके खाते में आ चुकी है।
2.5 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन, नवंबर 2025 से शुरू हुआ खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते और उसकी सोसायटी से जुड़ी संस्था के करंट खाते में नवंबर 2025 से ठगी की रकम का लेनदेन शुरू हुआ था।
साइबर सेल को उसके खातों में करीब 2.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। ग्वालियर की 21.05 करोड़ की ठगी में यह पहली लेयर का ट्रांजेक्शन था। इस पहली लेयर में ही 77 अलग-अलग खातों में रकम भेजी गई थी।
कैसे हुई थी ग्वालियर में 21 करोड़ की ठगी
ग्वालियर के CA अशोक विजयवर्गीय को आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी में मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया था। धीरे-धीरे उनसे 21.05 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर ठग लिए गए। यह मध्य प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो आधारित साइबर ठगी मानी जा रही है।
पुलिस कर रही जांच होंगे और खुलासे
साइबर सेल अब आरोपी से यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई, इसके पीछे और कौन लोग शामिल हैं और रकम को क्रिप्टो में कैसे बदला गया। पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल डिवाइस को भी जब्त कर लिया है।
राज्य साइबर सेल का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

