देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू की दस्तक, पंजाब में H1N1 के मामले 220 पार – जालंधर अस्पताल में अलग वार्ड बनाया गया
नई दिल्ली / जालंधर। देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू (H1N1) ने फिर से दस्तक दे दी है। पंजाब में इस सीजन में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 220 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। जालंधर में हालात को देखते हुए सिविल अस्पताल में अलग आइसोलेशन वार्ड और फ्लू कॉर्नर बनाया गया है।
जालंधर में 11 केस, एक संदिग्ध मौत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जालंधर जिले में इस सीजन में अब तक 10 से 11 मामले सामने आए हैं। जिले में 81 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें 10 पॉजिटिव निकले। जालंधर पंजाब में 5वें नंबर पर है। सबसे ज्यादा मामले लुधियाना में 72, मोहाली में 36, पटियाला में 16 और मोगा में 11 दर्ज हुए हैं।
जालंधर के जमशेर खास निवासी 85 वर्षीय मूल राज की मौत को पहली संदिग्ध मौत के रूप में देखा जा रहा है। 2 सितंबर को वे H1N1 पॉजिटिव पाए गए थे और सिविल अस्पताल में भर्ती थे। वे पहले से COPD के मरीज थे। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि मौत का असली कारण हेल्थ ऑडिट के बाद ही तय होगा।
अस्पताल में 4 बेड का आइसोलेशन यूनिट और 14 बेड का संदिग्ध वार्ड
बढ़ते मामलों को देखते हुए जालंधर सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में 4 बेड का आइसोलेशन यूनिट बनाया गया है। साथ ही दूसरी मंजिल पर 14 बेड का वार्ड संदिग्ध मरीजों के लिए तैयार किया गया है। अस्पताल में फ्लू कॉर्नर भी शुरू किया गया है, ताकि खांसी-जुकाम वाले मरीजों की जांच अलग से हो सके और OPD में भीड़ कम हो।
स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी तेज कर दी है। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।
अगस्त से ही बढ़ रहे हैं केस, लोकल ट्रांसमिशन ज्यादा
विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू आमतौर पर सर्दियों में फैलता है, लेकिन इस साल अगस्त के गर्म मौसम से ही मामले बढ़ने लगे हैं। इस बार ट्रैवल हिस्ट्री की बजाय लोकल ट्रांसमिशन के ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि अभी तक कोई नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं मिला है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी – घबराएं नहीं, सावधानी बरतें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी जरूर बरतें।
लक्षण तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान, सांस लेने में तकलीफ।
बचाव के उपाय
– भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें और मास्क पहनें
– खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, हाथों की सफाई रखें
– बुखार, खांसी होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं
– बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें
– संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नींद लें
सरकारी अस्पतालों में टेस्ट और इलाज मुफ्त उपलब्ध है।

