मकड़ाई समाचार हरदा: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीन बजट किसानों के लिए बेहद निराशाजनक और हताश करने वाला है। देश का अन्नदाता इस बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन बजट में किसानों की मूल समस्याओं पर कोई ठोस और प्रभावी समाधान नहीं किया गया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में पवन बिश्नोई
आम किसान यूनियन ने कहा कि
आज भी किसान फसल नुकसान, बढ़ती लागत, कर्ज के बोझ, महंगे खाद-बीज-कीटनाशक, सिंचाई संकट और उचित समर्थन मूल्य जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन मुद्दों को सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित रखा गया है। जमीनी स्तर पर किसान को सीधा लाभ पहुँचाने वाली कोई ठोस नीति नजर नहीं आती।
फसल बीमा योजना आज भी किसानों के लिए एक मजाक बनी हुई है। समय पर सर्वे नहीं, मुआवजा नहीं, और बीमा कंपनियों की मनमानी जारी है, लेकिन बजट में इस पर कोई सख्त प्रावधान नहीं किया गया। इसी तरह प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज भी नाकाफी है।
आम किसान यूनियन का स्पष्ट कहना है कि यह बजट कॉरपोरेट और पूंजीपतियों के हित में है, जबकि किसान को फिर से नजरअंदाज किया गया है। सरकार यदि सच में किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है, तो उसे कर्ज माफी, लागत के अनुसार MSP की गारंटी, सिंचाई और बीमा व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

