मकड़ाई एक्सप्रेस 24 इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के भानगढ़ इलाके में किसान खेतों में सिंचाई के लिए शुद्ध पानी के बजाय गंदे नाले के पानी का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नाले के पानी में घरेलू कचरे के साथ-साथ औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Waste) और खतरनाक बैक्टीरिया मिले होते हैं। यह दूषित पानी सीधे आपकी थाली तक पहुँचने वाली हरी सब्जियों में ‘धीमा ज़हर’ घोल रहा है।
नाले के किनारे ‘बीमारियों’ की खेती
भानगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पालक, धनिया, लौकी, भिंडी, गोभी, टमाटर और पत्तागोभी की खेती की जा रही है। चूँकि यह खेत नालों के बिल्कुल करीब हैं, किसान मोटर लगाकर इसी ज़हरीले पानी से फसलों को सींचते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पानी में मौजूद कैडमियम, लेड (सीसा) और क्रोमियम जैसी भारी धातुएं (Heavy Metals) सब्जियों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर रही हैं।
सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
गंदे पानी से उगी सब्जियों का सेवन करने से न केवल पेट संबंधी बीमारियां, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं:
संक्रमण:-बैक्टीरिया और वायरस के कारण डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस का खतरा।
अंगों को नुकसान:– भारी धातुओं के लगातार सेवन से लिवर और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं।
त्वचा रोग:- दूषित पानी के संपर्क में आने वाली सब्जियों से एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं संभव हैं।
प्रशासनिक लापरवाही और खतरा
हाल ही में इंदौर के कुछ इलाकों में दूषित पानी के कारण हुए गंभीर जलजनित रोगों के प्रकोप के बाद भी, खेती में इस तरह के पानी का इस्तेमाल प्रशासन की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि पूर्व में भी कई बार प्रशासन ने ऐसी फसलों को नष्ट करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर यह अवैध खेती बदस्तूर जारी है।
सावधानी ही बचाव है- बाज़ार से सब्जी खरीदने के बाद उन्हें कम से कम 15-20 मिनट तक नमक या सिरके (Vinegar) वाले पानी में भिगोकर रखें और फिर साफ़ बहते पानी से अच्छी तरह धोएं।

