टिमरनी न्यूज़ : नगर परिषद ने सम्पत्ति कर में की मनमानी वृद्धि आम नागरिकों के साथ हो रहा अन्याय – सुभाष जायसवाल
कांग्रेस ने दी आन्दोलन की चेतावनी
मकड़ाई समाचार टिमरनी। नगर परिषद टिमरनी द्वारा अप्रैल 2021 से शहर की विभिन्न सम्पत्तियो निजी एवं व्यवसायीक प्रयोजन की सम्पत्तियो पर सम्पत्ति कर मन मनमाने तरीके से वृद्धि कर दी हैं। जिससे आम नागरिक परेशान है। उक्त आरोप लगाते हुए टिमरनी नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि पूर्व भाजपा परिषद द्वारा वर्ष 2016-17 में सम्पूर्ण नगरीय क्षेत्र का जीआईएस सर्वे करवाया था। जिसके परिणामस्वरूप तत्कालिन प्रशासक ने बिना जनता को भरोसे में लिए अप्रैल 2021 से सम्पत्ति कर में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी हैं। जिससे जनता को सम्पत्तिकर के बढ़ी हुई राशि के बिल प्राप्त हो रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा उपकर, नगर विकास उपकर,सफाई कर एवं समैकित कर के नाम पर भी मनमानी वसूली की जा रही हैं।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि जहां पिछले दो वर्षो से आम नागरिक कोरोना कहर से परेशान था तथा कई महिनो तक व्यवसायीक प्रतिष्ठान बंद हैं। ऐसी स्थिति में अचानक सम्पत्ति कर बढ़ाना आम नागरिको के साथ अन्याय हैं। इस संबंध में श्री जायसवाल ने विधायक संजय शाह पर भी शहर के नागरिको की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उनसे पूछा है कि क्या सम्पत्ति कर बढ़ाने से पूर्व अधिकारियो ने इस बात की चर्चा की थी। यदि हा तो उन्होंने मना क्यो नही किया यदि उनकी जानकारी के बिना तत्कालीन प्रशासक ने मनमाने तरीके से सम्पत्ति कर की दरे बढ़ाई है तो क्या वे उन अधिकारियो के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करेंगे। तथा नागरिको के ऊपर जो मनमाना टेक्स थोपा गया हैं उसे कम करवायेंगे। जायसवाल ने बताया कि टिमरनी नगर तीन जोन में बटा हुआ है जिनमें आवासीय, गैर आवासीय एवं कच्चे तथा पक्के मकानो पर पिछले वर्षो की तुलना में जो सम्पत्तिकर लगाया जाता था।
उसमें 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई हैं जो कि न्यायोचित नहीं हैं। शहर के विकास का वादा करने वाले भाजपा के जनप्रतिनिधि विकास तो नहीं कर रहे है। परन्तु टेक्स के नाम पर जनता को आर्थिक नुकसान जरूर पहुंचा रहे है। नगर परिषद टिमरनी यदि सम्पत्ति कर की राशि कम नहीं करेगी तो कांग्रेस जन आन्दोलन करेगी जिसकी सारी जबावदारी प्रशासन की रहेगी। श्री जायसवाल ने नागरिको से अपील की है कि वे बढ़े हुए सम्पत्ति कर का तब तक भुगतान नहीं करे जब तक की बढ़ी हुई दरे वापस नही हो जाती।

