जच्चा बच्चा की जान को हो सकता था खतरा पति की शिकायत पर बदली बाटल
मकड़ाई समाचार हरदा टिमरनी। जिले में स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही के मामले एक के बाद एक आते जा रहे हैं अभी जिला चिकित्सालय में मुख्य द्वार पर आदिवासी महिला के प्रसव का मामला थमा भी नही था कि एक ओर मामला सामने आया जिसमें एक गर्भवती महिला जिसे घबराहट होने पर अस्पताल में उसे एक्सपायरी डेट की बाटल लगाई जा रही थी। इस बात की शिकायत की गई तो बाटल को तुरंत बदल दिया गया।इस तरह की लापरवाही पूरे जिले में स्वास्थ्य अमले के द्वारा दिखाई जा रही है। अपनी निजी मरीजो के देखने में व्यस्त जिम्मेदार चिकित्सक भी सरकारी अस्पताल में कम ही समय दे रहे है।
मामला टिमरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां एक गर्भवती महिला शबनम को एक्सपायर डेट की बॉटल अस्पताल में लगाई गई। पूरी जानकारी देते हुए महिला के पति अशफाक खान निवासी वार्ड नं.15 ने बताया कि उसकी पत्नि अभी गर्भवती है।समय समय पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दिखवाया जाता है। परसो भी उसे दिखाया था बुधवार की शाम से उसे घबराहट होने लगी तो गुरुवार को अस्पताल में दोपहर 2 बजे के उसे भर्ती कराया गया।जहां पर डाक्टर मैडम के देखने के उपरांत बाटल लगाई गई थी। मेरे द्वारा जब उस बाटल को देखा गया तो उसकी एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी थी।मेने तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्यकर्मी को दी ।मुझे बताया गया कि इससे कुछ नही होगा घबराने की आवश्यकता नही हैं। घबराहट परेशानी होतो तुरंत दिखवाए।
एक्सपायरी डेट की दबाए है जानलेवा
तीन महिने बाद बंद बाटल में बंद पानी भी एक्सपायर हो जाता है।फिर दवा तो विशेष रुप से निर्माणकर्ता कंपनी द्वारा कहा जाता हैं कि एक्सपायरी के बाद इसका उपयोग हानिकारक हैं। स्वास्थ्य विभाग का अमला लोगो की जान के साथ खिलवाड़ क्यू कर रहा है। जबकि यह दवाएं भी सरकारी है फिर इन्हे लोगो में सही समय पर क्यूं नही उपयोग की जाती हैं। आज एक गर्भवती महिला को एक्सपायरी डेट की बाटल लगाई गई हैं। इससे उसे और उसकी गर्भस्थ शिशु की जान पर खतरा बन सकता है। इसका जिम्मेदार कौन होगा।
इनका कहना है।
में अभी भोपाल मीटिंग में हु। हम जांच करवायेंगे। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।
डॉक्टर सुधीर जैसानी
सीएमएचओ जिला अस्पताल हरदा

