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आशा, उषा व सहयोगिनी कार्यकर्ताओ ने छः सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक को सौपा ज्ञापन 

सुनील पटल्या बेड़िया। एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत आशा, उषा और सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को विधायक सचिन बिरला को उनके गृह ग्राम बेड़िया में छः सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। बिरला ने आश्वस्त किया कि आशा, उषा एवं सहयोगिनी संघ की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और विधानसभा में प्रश्न उठाएंगे।ज्ञापन का वाचन संघ की ब्लॉक अध्यक्ष रेखा सनियर ने किया। ज्ञापन में कहा गया है कि आशा, उषा व सहयोगिनी कार्यकर्ता वर्ष 2005 से एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ा है। इसलिए अब कार्यकर्ताओं का वेतन और दर्जा दोनों बढ़ाया जाए। संघ की मांग है कि आशा, उषा व सहयोगिनी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा, उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय अट्ठारह हजार और सहयोगिनी का वेतन चौबीस हजार रुपए किया जाए। कोरोना काल के दौरान परिवारों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं और दस हजार रुपए का अतिरिक्त मानदेय दिया जाए। निर्धारित योग्यता रखने वाली कार्यकर्ताओं को छह माह का प्रशिक्षण देकर एनएचएम के रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाए। कार्यकर्ताओं को अपना कार्य करने के लिए लगातार दूरस्थ ग्रामों का भ्रमण करना पड़ता है। इसलिए उन्हें यात्रा भत्ता, शासकीय अवकाशों का लाभ दिया जाए। ड्यूटी के दौरान कार्यकर्ताओं को सुरक्षा दी जाए और उनके साथ दुर्व्यवहार अथवा मारपीट करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। सहयोगिनी कार्यकर्ता को पर्यवेक्षक का पदनाम दिया जाए। वही कर्त्तव्य के दौरान मृत्यु होने पर कार्यकर्ताओं के परिजन को अनुकंपा, पेंशन, पांच लाख रुपए व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। इस दौरान कार्यकर्ता क्षमा राठौर,ज्योति पंवार, प्रमिला कर्मा, उर्मिला भावेल आदि उपस्थित थीं।