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गवाहों के सबूत के आधार पर मुख्य आरोपी आशीष मिश्र घटना स्थल पर था मौजूद, ऐसे हुई पुष्टि

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र की थार जीप से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर चढ़ गई। इस हिंसा में चार किसान समेत आठ लोगों की मौत हो गई। हिंसा के मुख्य आरोपी मंत्री के बेटे आशीष मिश्र से  क्राइम ब्रांच के दफ्तर में मजिस्ट्रेट के सामने सवाल-जवाब हो हुए। बारह 12 घंटे की पूछताछ के बाद हत्या और अपराधिक साजिश के तहत आरोपों की पुष्टि के बाद आशीष मिश्र को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। गवाहों के सबूत के आधार पर आशीष मिश्र घटना स्थल पर मौजूद थे। वहीं सीसीटीवी फुटेज से भी इस बात की पुष्टि हुई।

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पुलिस लाइन में ही आशीष मिश्र की मेडिकल जांच डॉक्टर की टीम ने की। आशीष मिश्र द्वारा दिए गए वीडियो और फुटेज से एसआईटी संतुष्ट नही हुई। पुलिस लाइन में गहमागहमी का माहौल है। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मामले की डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुष्टि की। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की जांच टीम का सबसे प्रमुख सवाल यही था 3 अक्तूबर रविवार को दोपहर 2:36 बजे से लेकर 3:30 बजे तक कहां थे? यह वही वक्त था जब तिकुनिया इलाके में यह कांड हुआ, जिसमें आठ लोगों की जान चली गयी, जबकि नौ लोग जख्मी हुए। पुलिस ने हर एंगल से पूछताछ की, जिसको लेकर तमाम सवाल और आशंका सामने आ रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, कमरे में दाखिल होते ही आशीष मिश्र को जांच टीम ने रविवार की रात 2:53 पर दर्ज कराए गए मुकदमे का ब्यौरा बताया। साथ ही उन पर लगाए गए आरोपों की जानकारी आशीष मिश्र को दी गई। इसके बाद कागज पर लिखे हुए सवालों के बिंदु उसके सामने पुलिस ने रखने शुरू किए। जांच टीम ने सवाल किया कि जब यह दुर्घटना हुई तब आप कहां थे? अपने जवाब में आशीष मिश्र ने खुद को घटनास्थल पर मौजूद ना होने की बात कही। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से यह बताया कि कैसे दंगल प्रतियोगिता का आयोजन उनके गांव में हो रहा था। सूत्र बताते हैं कि आशीष हर सवाल के जवाब में सिर्फ इतना ही साबित करने में लगा रहा कि घटना वाली जगह पर वह मौजूद ही नहीं था।

 

पुलिस जांच टीम ने उनसे उसकी कार थार के बारे में सवाल भी किए। आशीष मिश्र ने उसमें भी यह साबित करने की कोशिश की कि वह अपनी कार में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कुछ लोगों के बारे में बताया, जो कारों के काफिले के साथ उनके गांव से निकले थे। कहा कि ये लोग उपमुख्यमंत्री की अगवानी करने जा रहे थे तभी यह घटना हो गई। सूत्र बताते हैं कि आशीष मिश्रा ने कुछ वीडियो दिखाकर यह साबित करने की कोशिश कि वायरल हो रहे वीडियो और उनके पास मौजूद वीडियो में किस तरह का फर्क है। आशीष एक सवाल का जवाब देकर खामोश होता कि जांच टीम उनसे दूसरा सवाल दाग देती। इस सिलसिले में कई घंटे गुजर गए।