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तड़प रहा छात्र को हुई खून की उल्टी, किसी ने मदद नहीं की, संविदा शिक्षक ने एंबुलेंस बुलाई

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल | राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावास में विद्यार्थियों को किस प्रकार से लावारिस छोड़ दिया जाता है। इसका खुलासा करने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र को खून की उल्टी हुई। वह तड़प रहा था लेकिन यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने कोई मदद नहीं की। एंबुलेंस खड़ी थी परंतु न तो उसकी चाबी थी और न ही ड्राइवर। यहां तक कि कुलपति से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक किसी ने भी 108 एंबुलेंस तक नहीं बुलाई। बाद में बच्चों ने एक संविदा शिक्षक को सारी स्थिति बताइए। संविदा शिक्षक ने एंबुलेंस बुलाई और छात्र को अस्पताल भिजवाया।

छात्रों ने  फोन लगाया, किसी ने उठाया नहीं

जानकारी मिली है कि, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के एपीजे अब्दुल कलाम आजाद हॉस्टल में शुक्रवार रात एक छात्र अविनाश की तबीयत खराब हो गई। रात 12 बजे के बाद से छात्र की तबीयत खराब हो रही थी, लेकिन रात साढ़े तीन बजे के बाद तबीयत ज्यादा खराब होने लगी थी। खून उल्टियां हुई। इसे देखकर अन्य साथी छात्र घबरा गए। मदद के लिए जिम्मेदारों को फोन लगाना शुरू किया, लेकिन समय पर कॉल रिसीव नहीं हुए। उसे हॉस्पिटल ले जाने के लिए एंबुलेंस की सहायता के लिए इधर-उधर भागे।
घरों के दरवाजे भी खटखटाए सहायता नहीं मिली

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कुछ छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे, लेकिन वहां से जवाब मिला कि एंबुलेंस नहीं मिल पाएगी। उनके पास एंबुलेंस की चाबी भी नहीं है। छात्र की तबीयत ज्यादा बिगड़ती देख छात्र इतने परेशान थे कि उन्हें कैंपस में रहने वाले कुछ घरों के दरवाजे भी खटखटाए, ताकि उन्हें कोई चारपहिया वाहन मिल जाए, लेकिन वहां से भी कोई सहायता नहीं मिली|
कांट्रेक्ट फैकल्टी 108 पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई
घबराए छात्र ने एक कांट्रेक्ट फैकल्टी को फोन लगाया। फिर कांट्रेक्ट फैकल्टी ने इमरजेंसी सेवा 108 पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई। इसके बाद सुबह 5 बजे के बाद छात्र हमीदिया हॉस्पिटल पहुंचा। यह छात्र अविनाश स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी से पीएचडी कर रहा है। हालांकि, छात्र अविनाश हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर वापस हॉस्टल गया है।