मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल | राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावास में विद्यार्थियों को किस प्रकार से लावारिस छोड़ दिया जाता है। इसका खुलासा करने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र को खून की उल्टी हुई। वह तड़प रहा था लेकिन यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने कोई मदद नहीं की। एंबुलेंस खड़ी थी परंतु न तो उसकी चाबी थी और न ही ड्राइवर। यहां तक कि कुलपति से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक किसी ने भी 108 एंबुलेंस तक नहीं बुलाई। बाद में बच्चों ने एक संविदा शिक्षक को सारी स्थिति बताइए। संविदा शिक्षक ने एंबुलेंस बुलाई और छात्र को अस्पताल भिजवाया।
छात्रों ने फोन लगाया, किसी ने उठाया नहीं

