jhankar
ब्रेकिंग
जिला अस्पताल में अज्ञात व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत, शव की शिनाख्त नहीं हंडिया तहसीलदार की नाक के नीचे राजस्व अमले का ‘खेल’? 7 अगस्त को अतिक्रमण माना, 20 अगस्त को शासकीय रा... जनपद पंचायत खिरकिया में पंचायत सचिव एवं सरपंचों की प्रशिक्षण-सह कार्यशाला आयोजित फसल में मृदा जनित बिमारियों की रोकथाम हेतु किसानों को सलाह महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने सीखा ‘फर्स्ट एड’ करना उच्चदाब कनेक्शन बंद होने के बाद सुरक्षा निधि की वापसी अब ऑनलाइन,उपभोक्ताओं को नहीं लगाना पड़ेगा कार्य... मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र में प्रधानमंत्री धरती आबा-जन जातीय ग्राम उत्कर्ष अभिया... राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं पंचायत उपनिर्वाचन कार्यक्रम घोषित माह के पहले कार्य दिवस की शुरूआत ‘‘वंदेमातरम्’’ गायन से हुई कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं

ब्रिटिश राजा चार्ल्स ने अपने भाई से राजकुमार की उपाधि छीनी

लंदन। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान छीनने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन्हें विंडसर स्थित रॉयल लॉज छोड़ने का आदेश भी दिया गया है, जहां वे पिछले दो दशकों से रह रहे थे। राजा के आदेश के बाद एंड्रयू का शाही निवास अधिकार भी खत्म कर दिया गया है। पैलेस ने बताया कि रॉयल लॉज की लीज खत्म करने का नोटिस उन्हें थमा दिया गया है। वे अब किंग चार्ल्स की निजी संपत्ति सैंडरिंगहैम एस्टेट (नॉरफॉक) में रहने के लिए शिफ्ट होंगे। किंग चार्ल्स ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब 65 वर्षीय एंड्रयू एक बार फिर विवादों में घिरे हुए हैं, खासकर अमेरिकी अरबपति और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनकी दोस्ती को लेकर।

- Install Android App -

बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, आज महामहिम ने प्रिंस एंड्रयू के ‘स्टाइल, टाइटल्स और ऑनर्स’ हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। अब वे ‘एंड्रयू माउंटबैटन विंडसर’ के नाम से जाने जाएंगे।हाल में वर्जीनिया गिफ्रे की मरणोपरांत किताब ‘नोबॉडीज गर्ल’ के प्रकाशन के बाद जनता में गुस्सा फिर भड़क गया। गिफ्रे, जिसने अप्रैल में आत्महत्या कर ली थी, ने दावा किया था कि किशोरावस्था में उसका यौन शोषण एंड्रयू ने किया था। हालांकि, एंड्रयू ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में एंड्रयू ने गिफ्रे के साथ करोड़ों डॉलर के समझौते से यह मामला शांत करने की कोशिश की थी, लेकिन जनता का गुस्सा थमा नहीं। बकिंघम पैलेस ने कहा कि यह कार्रवाई एंड्रयू के ‘गंभीर निर्णयगत चूकों’ के कारण की गई है, भले ही वे आरोपों से इनकार करते रहे हों। सूत्रों के मुताबिक, किंग चार्ल्स अब एंड्रयू के ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क, अर्ल ऑफ इनवर्नेस और बैरन ऑफ किलीलिआ’ जैसे खिताबों को भी रद्द करने के लिए रॉयल वॉरंट जारी करेंगे। इसके लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। राजा ने यह भी स्पष्ट किया कि एंड्रयू की बेटियाँ प्रिंसेस बीट्रिस और प्रिंसेस यूजिनी अपने शाही खिताब रख सकेंगी। यह 1917 में किंग जॉर्ज पंचम की ओर से बनाए गए नियमों के अनुसार है, जो शासक के पुत्रों के बच्चों को स्वचालित रूप से राजसी सम्मान देता है।