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गुजरात: ‘लव मैरिज’ के नियमों में बड़ा बदलाव 

अब शादी के लिए माता-पिता की सहमति होगी अनिवार्य

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 गुजरात । सरकार ने राज्य में प्रेम विवाह की प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने और पारिवारिक सहमति को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा में पेश किए गए नए ड्राफ्ट के अनुसार, अब युवाओं के लिए अपनी मर्जी से विवाह करने की राह में माता-पिता की भूमिका को कानूनी रूप से मजबूत किया जा रहा है।

व्हाट्सएप पर मिलेगी सूचना: तकनीक का नया इस्तेमाल

प्रस्तावित संशोधन के तहत, जैसे ही कोई जोड़ा प्रेम विवाह के लिए पंजीकरण (Registration) का आवेदन करेगा, उनके माता-पिता को तुरंत व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए सूचित किया जाएगा।इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार को विवाह के बारे में पूरी जानकारी हो। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से सूचना देने से देरी नहीं होगी और माता-पिता समय रहते अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे।

40 दिनों का ‘वेटिंग पीरियड’ और प्रमाण-पत्र

नए नियमों के अनुसार, विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में अब समय सीमा को भी संशोधित किया गया है। आवेदन जमा करने के बाद कम से कम 40 दिन का समय अनिवार्य किया गया है। 40 दिनों की इस अवधि के पूरा होने और सभी औपचारिकताओं की जांच के बाद ही विवाह का आधिकारिक प्रमाण-पत्र (Marriage Certificate) जारी किया जाएगा। इस समय का उपयोग किसी भी संभावित विवाद या आपत्ति के समाधान के लिए किया जा सकता है।

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क्यों जरूरी लगा यह संशोधन ?

गुजरात सरकार ने इस ड्राफ्ट को पेश करते हुए तर्क दिया है कि इससे पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी और बिना जानकारी के होने वाले विवाहों के कारण पैदा होने वाले विवादों में कमी आएगी।

पारिवारिक सहमति

मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों ने पहले भी संकेत दिया था कि वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जहाँ बच्चों के बड़े फैसलों में अभिभावकों की राय शामिल हो। अक्सर प्रेम विवाह के बाद थानों और अदालतों में अपहरण या जबरन निकाह के जो मामले सामने आते हैं, उनमें इस नियम से कमी आने की उम्मीद है।

सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण

जहाँ एक तरफ सरकार इसे सामाजिक मूल्यों की रक्षा बता रही है, वहीं दूसरी ओर यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है। कुछ लोग इसे पारिवारिक सुरक्षा के लिए “शानदार फैसला” मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नजरिए से देख रहे हैं। फिलहाल, यह ड्राफ्ट विधानसभा में चर्चा के अधीन है और इसके लागू होने के बाद गुजरात में विवाह पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी।