हंडिया बस स्टैंड अतिक्रमण मामला: जांच के आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं, अब पक्के टप में धड़ल्ले से संचालित हो रही दुकान!
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 | हंडिया (हरदा)। हंडिया बस स्टैंड क्षेत्र में मुर्गा-मछली मार्केट के सामने हाईवे किनारे रखे गए दो टप को सीमेंट से स्थायी रूप दिए जाने का मामला अब एक नए सवाल के साथ सामने आया है। मामले को लेकर पूर्व में खबर प्रकाशित होने के बाद हंडिया तहसीलदार ने जांच करवाने की बात कही थी, लेकिन अब तक मौके पर किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। उल्टा जिस टप के निर्माण को लेकर सवाल उठे थे, उसमें दुकान का संचालन शुरू हो गया है।
यदि मामला जांच के अधीन था तो जांच पूरी होने तक संबंधित निर्माण अथवा दुकान संचालन को लेकर कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सार्वजनिक क्षेत्र में कथित अतिक्रमण को लेकर सवाल उठने के बाद भी दुकान का संचालन शुरू हो जाना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
पूर्व में मामले को लेकर तहसीलदार द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अतिक्रमण किसने करवाया और किसने अनुमति दी, इसकी जांच कराई जाएगी। अब सवाल यह है कि जांच की स्थिति क्या है? क्या मौके का निरीक्षण किया गया? यदि भूमि शासकीय है तो क्या संबंधित व्यक्ति को कोई अनुमति प्रदान की गई है? और यदि अनुमति नहीं है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पहले टप, फिर पक्का निर्माण और अब दुकान! इस मामले को लेकर चर्चा है कि पहले सड़क किनारे टप रखे गए, उसके बाद उन्हें सीमेंट से स्थायी स्वरूप दिया गया और अब बाकायदा दुकान संचालित होने लगी है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पहले अतिक्रमण किया जाए, फिर निर्माण कर उसे स्थायी रूप दिया जाए और अंत में दुकान भी शुरू कर दी जाए—क्या यही व्यवस्था है?
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक क्षेत्र में इस तरह के निर्माण से भविष्य में यातायात, पैदल आवाजाही और आमजन की सुविधा प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
कार्रवाई के बजाय इंतजार क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे-मोटे अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई करने वाला प्रशासन बड़े और स्थायी रूप ले चुके कथित अतिक्रमण के मामले में इतना समय क्यों ले रहा है। यदि निर्माण नियम विरुद्ध है तो कार्रवाई में देरी का कारण क्या है और यदि वैध है तो उसकी अनुमति एवं दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे?
अब देखना यह है कि तहसीलदार के जांच के आश्वासन के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करता है या फिर यह मामला भी केवल आश्वासन तक सीमित रह जाता है।
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 की नजर इस मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर बनी रहेगी।
