jhankar
ब्रेकिंग
बनापुरा मंडी में व्यापारियों की गुंडागर्दी गेहूं की बोली को लेकर दो व्यापारी में मारपीट, मंडी सचिव न... हंडिया : साइबर अपराध से बचाव के लिए हंडिया पुलिस का जागरूकता अभियान शुरू! हंडिया : मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मन... 24 जून 2026 – मध्यप्रदेश में हादसो की हलचल 24 जून 2026, बुधवार – मध्यप्रदेश के प्रमुख खबरें 24 जून 2026, बुधवार – मध्यप्रदेश का मौसम समाचार 🌧️ 24 जून 2026, बुधवार – देश का मौसम समाचार  🌦️ पेट्रोल भरवाने जाओ या जान जोखिम में डालो? अर्जुन फ्यूल्स के पहुंच मार्ग पर सवाल ही सवाल! 24 जून 2026, बुधवार – देश -विदेश की मुख्य खबरों की झलक 24 जून 2026, बुधवार - सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

Harda News: गौवंश रक्षा वर्ष में इस वर्ष गौशाला स्तर एवं जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे

हरदा : शासन द्वारा वर्ष 2024-25 को गौवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें गौशाला एवं जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस संबंध में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश जारी किये गये है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा ने निर्देशित किया है कि गौ-वंश रक्षा वर्ष 2024-25 योजनाबद्ध तरीके से मनाया जाये। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा योजना से अपूर्ण व निर्माणाधीन गौशालाओं को शीध्र पूर्ण करें। पूर्ण गौशालाओं के प्रबंधन के संबंध में गौशाला समितियों का गठन कर उनमें निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन की कार्यवाही करें। संचालित गौ शालायें जिनमें 100 से अधिक गौवंश संरक्षित हैं उनको मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड में पंजीकृत कराने की कार्यवाही करें ताकि इन गौशालाओं को भी मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा संचालित अनुदान का लाभ प्राप्त हो सके।
प्रमुख सचिव श्री बामरा ने निर्देशित किया है कि चिन्हित चरनोई भूमि से अतिक्रमण हटाकर स्थानीय गौशाला हेतु आरक्षित करने संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। जिले में जिन ग्रामों में मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड अंतर्गत पंजीकृत गौशालाएं स्थापित हैं, ऐसे ग्रामों में प्राथमिकता से ग्राम में उपलब्ध कुल चरनोई भूमि में से शासकीय, अशासकीय गौशाला अथवा गौवंश चराई के लिये उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन किया जाए। ऐसी चिन्हित चरनोई भूमि को आवश्कतानुसार अतिक्रमण मुक्त कर शासकीय, अशासकीय गौशाला व गौवंश चराई हेतु आरक्षित किया जाए।
प्रमुख सचिव श्री बामरा ने निर्देशित किया है कि राजमार्गाे पर दुर्घटना में घायल गौवंश को प्राथमिक उपचार हेतु पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित चलित पशुचिकित्सा इकाई टोल फ्री कॉल सेन्टर नम्बर 1962 का उपयोग किया जाए। प्राथमिक उपचार के बाद चलित पशु चिकित्सा इकाई अमले द्वारा राजमार्ग टोल संचालक अथवा स्थानीय निकाय की सहायता से यथासंभव हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल अथवा अन्य योग्य वाहन से निकटतम चिन्हित गौशाला पहुंचाया जाए। राजमार्गाे से निराश्रित गौवंश को हटाकर टोल संचालक अथवा स्थानीय निकायों द्वारा यथासंभव हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल अथवा अन्य योग्य वाहन से निकटतम चिन्हित गौशाला पहुंचाया जाए। इस हेतु राजमार्गाे पर ठोस व्यवस्था की जाये। इस हेतु सुदृढ रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाये।
प्रमुख सचिव श्री बामरा ने निर्देशित किया है कि जिलों से गुजरने वाले राजमार्गाे के निकट वाली गौशालाओं की टोल नाकावार एवं स्थानीय निकायवार मैपिंग एवं उनकी क्षमता का आंकलन कर संबंधित स्थानीय निकायों को कार्यवाही हेतु उपलब्ध कराई जाए। राजमार्गाे के आसपास के गांवों में मुनादी करवाई जाये कि सभी पशुपालक अपने गौवंश अपने घरों में बांध कर रखे। राजमार्गाे पर विचरण करने वाले गौवंश को निकटस्थ गौशाला अथवा कांजी हाउस में भेजा जायेगा। गौशाला अथवा कांजी हाउस में भेजे गये गौवंश को मुक्त करने हेतु स्थानीय निकायों के नियमानुसार शुल्क लेकर ही छोड़ा जाएगा।