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ईरान दबाव में नहीं झुकेगा, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बातचीत को तैयार: राष्ट्रपति पेजेशकियान

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान स्पष्ट किया है कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिका की नीति पर सवाल उठाकर कहा कि एक ओर वह देश पर दबाव बना रहा है और दूसरी ओर चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आकर उसकी एकतरफा मांगों के सामने आत्मसमर्पण कर दे, जो कि असंभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान मूल रूप से युद्ध और असुरक्षा को किसी भी तरह से उचित विकल्प नहीं मानता, लेकिन परमाणु तकनीक से वंचित भी नहीं किया जा सकता। पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका इसतरह का व्यवहार कर रहा है जैसे ईरान को परमाणु उद्योग रखने का अधिकार ही नहीं है और अत्यधिक मांगें सामने रखकर उस पर अतिरिक्त दबाव डालता है। राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि पिछली सभी वार्ताओं में ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक निगरानी के तहत अपनी परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार था। दूसरी ओर, इराकी प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी ने ईरान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय संकटों को कम करने के लिए मध्यस्थता करने की इराक की तत्परता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने हेतु भविष्य में आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति व्यक्त की। यह वार्ता तब समय में हुई है जब हाल ही में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच गंभीर सैन्य टकराव दिखाई दिए थे। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान और अन्य ईरानी शहरों पर हुए हमलों में तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडरों और कई नागरिकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।