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Khandwa News: धार्मिक हर्षोल्लास से मनी मां हिंगलाज जयंती, माता के विशेष श्रृंगार व हवन के बाद हुआ विशाल भंडारा

खंडवा : मालीकुआं स्थित मां हिंगलाज माता के मंदिर में मां हिंगलाज जयंती का पर्व धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। प्रात: 6 बजे हिंगलाज माता के अभिषेक के साथ विशेष श्रृंगार कर आरती की गई एवं हवन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात भोग आरती के साथ कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। दिन भर चले भंडारे में श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। रात्रि में महाआरती के पश्चात मां शारदा जागरण समिति के द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति भी दी गई।

भावसार समाज ने ओढ़ाई चुनरी –

अंतरराष्ट्रीय भावसार महासभा मप्र, छत्तीसगढ़ के सचिव गणेश भावसार ने बताया भावसार क्षत्रिय समाज के तत्वावधान में मां हिंगलाज के प्रकट उत्सव पर शनिवार को चुनरी यात्रा निकाली गई। लाल साड़ी पहने महिला मंडल ने चल समारोह में माता के गीतों पर गरबा नृत्य किया। हिंगलाज माता के प्रकट उत्सव पर निकली चुनरी यात्रा कहारवाड़ी स्थित भावसार धर्मशाला से निकली जो बजरंग चौक, घंटाघर, बांबे बाजार, स्टेशन रोड, पार्वतीबाई धर्मशाला, तीन पुलिया होते हुए मालीकुआं स्थित हिंगलाज मंदिर पहुंची। यहां माता का पूजन-अर्चन कर आरती की गई। समाजजनों ने माता को चुनरी चढ़ाकर समाज के कल्याण की कामना की। शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र घोड़े व बग्गी रही। घोड़े पर नेहल भावसार, माही भावसार सवार रहीं। मां हिंगलाज की तरह शृंगार प्रिशा भावसार ने किया। शिवाजी की भूमिका मनन भावसार ने निभाई। लेजिम पर जिनी, वंशिका, विधी, भक्ति, इति, खुशी भावसार रहीं। शोभायात्रा में महिलाओं ने भजन गाकर मां की आराधना और गीतों पर नृत्य किया। ढोल-ढमाकों के साथ समाज के पदाधिकारी एवं समाजजन माता के जयकारे लगाते चल रहे थे। महिलाएं लाल साड़ी और पुरुष सफेद कुर्ता-पजामा धारण किए हुए थे। आरती के पश्चात सभी सामाजिक बंधु जसवाडी रोड स्थित बालक धाम आश्रम मंदिर पहुंचे जहां दर्शन के साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया। सभी समाजजनों ने यहां भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।
हनुमान जी समझ कर पूजते थे लोग –

समाजसेवी गणेश भावसार ने बताया कि शनिवार को हिंगलाज जयंती धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। जिस तरह भगवान अलग-अलग रूपों में अवतरित हुए हैं उसी तरह मां भगवती भी हर युग में अलग-अलग नामों से अवतरित हुई हैं। शहर के मालीकुआं स्थित मां हिंगलाज माता का मंदिर इसी का उदाहरण है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार मां की इस पत्थर की मूर्ति को लोग हनुमान जी समझकर पूजा करते थे लेकिन एक महिला के शरीर में जब मां प्रकट हुई तो उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा मां हिंगलाज की है, तब इस प्रतिमा को भव्य रूप देकर मंदिर का निर्माण कर स्थापना की गई और लगातार भक्तों के सहयोग प्रियंक पाठक हेमंत जोशी देव भावसार नितिन जावर सचिन झावर बिट्टू परिहार से मां का यह मंदिर विशाल रूप ले चुका है।

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