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ग्वालियर शहर में पुलिस को बुलाने के लिए बदलेगा नंबर

ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल इलाके की पहचान पहले बीहड़ और डकैतों से होती थी, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज के समय में ग्वालियर में जो भी अपराध हो रहे हैं, उनमें से करीब 60 प्रश साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। यानी अब अपराधी इंटरनेट का सहारा लेकर अपराध कर रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर पुलिस को भी अब हाईटेक बनाया जा रहा है।

ग्वालियर में पहले 45 जगहों पर पुलिस की डायल 100 सेवा तैनात रहती थीं, अब इसे 9 पॉइंट और बढ़ाकर 54 कर दिया गया है। साथ ही डायल 100 का नाम अब बदलकर डायल 112 कर दिया जाएगा। यानी अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस की जरूरत है, तो अब 112 नंबर डायल करना होगा।

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पहले डायल 100 में सफारी गाड़ियां इस्तेमाल होती थीं, अब इनकी जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियां लगाई जाएंगी। इन गाड़ियों में जीपएस सिस्टम और डिजिटल वायरलेस लगाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जवान आपस में कॉलिंग भी कर सकेंगे। इन सबके लिए स्थानीय सर्वर रूम भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा।

इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस अपनाया जा रहा
अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल इन सभी को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि अपराध से जुड़ी कार्रवाई जल्दी और बिना रुकावट हो सके। ग्वालियर में अब अलग से साइबर क्राइम थाना बनेगा। अभी तक साइबर मामलों की जांच क्राइम ब्रांच में एक छोटी सी साइबर सेल करती थी। लेकिन अब पूरा थाना बनेगा, जो लोकल पुलिस थानों से जुड़ा रहेगा। इससे साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम आसान हो जाएगी।

लगेंगे 450 नए कैमरे
शहर में अपराधों पर नजर रखने के लिए 450 कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें से 217 कैमरों की निगरानी पुलिस के पास होगी। 100 कैमरे ऐसे इलाकों में लगाए जा रहे हैं जहाँ लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इन कैमरों में आॅटोमैटिक नंबर प्लेट पढ़ने की तकनीक होगी ताकि नियम तोड़ने वाले पकड़े जा सकें। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस हाईटेक की जा रही है। नए बदलावों से बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना भी आसान होगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी।