jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे भिलट देव मेले के बाद भी अवैध पार्किंग शुल्क ले रहे ठेकेदार, प्रशासन मौन हंडिया : फूलों से नहीं, विचारों से दी सच्ची श्रद्धांजलि”: चीराखान में युवाओं ने बदली सोच की दिशा! हंडिया : खुशियों की खरीदारी बनी जिंदगी का आखिरी सफर: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, मासूम घायल! Harda : जिला अजाक्स कार्यालय में बड़े हर्षोउल्लास के साथ संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की 135 व... मऊगंज हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: 3 युवकों की मौत, 2 घायल गोरस मोबाइल ऐप’ से पशुपालकों को मिलेगी जानकारी, बढ़ेगा दूध उत्पादन, पशुपालकों की आय में होगा इजाफा पौध संरक्षण औषधि की जांच हेतु बनाये गये विकासखण्ड स्तरीय दल वनोपज संग्रहण के लिए अकेले ना जाए, मानव वन्यजीव संघर्ष से बचने के लिए रखी जाए सावधानियाँ पॉलिटेक्निक कॉलेज में डॉ. अंबेडकर जयंती समारोह कार्यक्रम सम्पन्न

इंदौर में बीआरटीएस बस स्टॉप तोड़ने के लिए अलग टेंडर होगा जारी

इंदौर। इंदौर में बीआरटीएस (BRTS) कॉरिडोर को हटाने में अब नगर निगम के सामने बस स्टॉप को तोड़ने की बड़ी चुनौती है। पिछली एजेंसी के काम छोड़कर भाग जाने के बाद निगम प्रशासन ने फैसला किया है कि बस स्टॉप और बची हुई रेलिंग को हटाने के लिए अलग-अलग टेंडर जारी होंगे।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, बस स्टॉप के भारी-भरकम स्ट्रक्चर को हटाने के लिए विशेष मशीनरी और तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत है। इसलिए, निगम अब बस स्टॉप के लिए बची हुई रेलिंग से अलग टेंडर के जरिए ठेके पर देने की तैयारी में जुट गया है। इच्छुक ठेकेदारों को टेंडर भरकर यह काम लेना होगा।

- Install Android App -

1.53 लाख किलो स्टील
इस पूरी प्रक्रिया में लोहे और स्टील का बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में निकलने वाला है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, बस स्टॉप और रेलिंग से करीब 1.53 लाख किलो लोहा (स्टील) निकलने का अनुमान है। टेंडर की शर्तों के अनुसार, ठेकेदार को स्ट्रक्चर तोड़ने के साथ-साथ इस स्क्रैप का निस्तारण भी करना होगा, जिससे निगम को राजस्व भी प्राप्त हो सकता है।

यातायात सुगम बनाने की कवायद
गौरतलब है कि इंदौर में यातायात को सुगम बनाने और सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के उद्देश्य से बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का निर्णय लिया गया था। प्रशासन का प्रयास है कि बस स्टॉप तोड़ने का काम जल्द से जल्द पूरा हो ताकि आम जनता को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह राहत मिल सके। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।