जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हो कठोर कार्रवाई, देशभर के देव स्थानों के लिए सनातन धर्म रक्षा बोर्ड का गठन जरूरी -शिवसेना
खंडवा।। विश्व प्रसिद्ध तिरुपति तिरूमाला के प्रसिद्ध मंदिर प्रसादी के लड्डूओं में पशुओं की चर्बी के इस्तेमाल किया जा रहा था। अब यह लैब रिपोर्ट से साबित होगा है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान विश्व प्रसिद्ध तिरुपति के लड्डू में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। लड्डू भी घटिया सामग्री से बनाए गए थे। जिससें सनातनियों की भावनाये ही आहात नही हुई है बल्कि करोड़ों भक्तों आत्मग्लानी भी महसूस हो रही है।
इस कृत्य पर जिला शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार ने रोष जताते हुए केंद्र सरकार से शीध्र ही सनातन धर्म रक्षा बोर्ड का गठन किये जाने की मांग रखीं। प्रसादी में घी के बजाय जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया जा रहा है इस बात की पुष्टि एक रिपोर्ट भी हुई है कि लड्डू में मिलावट की गई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद परीक्षण के लिए भेजे गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट प्रमाणित करती है कि घी में गोमांस की चर्बी, पशु वसा, चरबी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया गया था, जो तिरुमाला को चढ़ाया गया था। इस तरह के सनातन विरोधियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने कहा कि यह हिंदू धर्म का अपमान है। भगवान को दिन में तीन बार चढ़ाया जाने वाला प्रसादम इस घी में बनाया जाता रहा यह शिवसेना सहन नहीं करेगी। हमें उम्मीद है कि न्याय होगा और जो भी गलतियां हुई हैं उनके लिए सरकार द्वारा इस अनियमियता में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

