jhankar
ब्रेकिंग
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में प्रतिभा की अहम भूमिका- केंद्रीय राज्य मंत्री उइके खुशियों की दास्तां : पीएम स्वनिधि योजना बनी सहारा, चने-फुटाने का ठेला लगाने वाले फूलचंद कहार की बदली... हरदा में निमाड़ की कलाओं का दो दिवसीय ‘खेती खेड़ो हरि नाम की............’ उत्सव का होगा आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत 104 आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम धार्मिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारें विद्यार्थी स्व. जतिन सिंह बघेल की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 37 यूनिट रक्तदान 14 वर्षों में 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, 3 हजार से ज्यादा को रोजगार पोखरनी-हरदा बदहाल सड़क को लेकर विधायक दोगने की पदयात्रा, पूर्व मंत्री कमल पटेल से पूछे सवाल गुप्तेश्वर गौशाला में 27 लाख रुपये के भूसा शेड एवं बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण

कोरोना संक्रमण से खराब हुए 70 प्रतिशत फेफड़े, ठीक होने के बाद दाे मरीजों की मौत

मकड़ाई समाचार खंडवा। कोरोना संक्रमण के कारण दो लोगों की मौत हो गई। यह दोनों ही बुजुर्ग 24 व 29 नवंबर को पॉजिटिव आए थे। कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव भी हो गए लेकिन संक्रमण के कारण लगभग 70 प्रतिशत फेफड़े खराब हुए। इससे इनकी हालत में सुधार नहींं आया व मेडिकल कॉलेज के आइसीयू में रखना पड़ा। यहां पर शनिवार रात इनकी मौत हो गई। दो मौत के बाद कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 61 हो चुकी है।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुनील बजोलिया ने बताया बॉम्बे बाजार निवासी 67 वर्षीय रमेशचंद्र चौहान को 24 नवंबर को अस्पताल मे भर्ती कराया गया था। यह संक्रमित होने के बाद ठीक भी हो गए लेकिन फेफड़े संक्रमित होने से आइसीयू में भर्ती करना पड़ा था। 29 नवंबर को ही हरिगंज निवासी 60 वर्षीय आलोक मंडलोई को मेडिकल कॉलेज के सारी वार्ड में भर्ती किया गया था। इन्हें पहले से ही डायबिटीज की बीमारी भी थी। संक्रमण से ठीक होने के बाद 70 प्रतिशत तक फेफड़े खराब हो गए। यह भी पिछले दो से तीन दिनों से आइसीयू में ही भर्ती थे। कोरोना संक्रमण से बुजुर्गो व बच्चां को बचाना बेहद ही जरूरी है।

फेफडों को करता है अधिक प्रभावित

कोरोना वायरस फेफड़ों को अधिक प्रभावित करता है। फेफड़ों में सूजन जिसे निमोनिया भी कहा जाता है उसे बढ़ा देता है। इसके साथ ही यह वायरस खून को फेफड़ों में जमा देता है जिससे ऑक्सीजन के प्रवेश करने में परेशानी होती है। इसीलिए संक्रमण से बचने के लिए मास्क, सैनिटाइजर व शरीरिक दूरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है। ताकि श्वास के माध्यम से इस वायरस को फेफड़ों तक जाने से रोेका जा सके।

लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीज

धीरे धीरे ही सही लेकिन कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ते जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी ठंड व शादियों के सीजन के कारण संक्रमण अधिक फैलने को लेकर आगाह कर चुका है। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतना जरूरी है।

इस तरह हर माह रही संक्रमण की स्थिति- माह, संक्रमण, मौत

- Install Android App -

अप्रैल, 47,7

मई, 201,07,

जून,69, 03,

जुलाई, 327,02

अगस्त, 305, 04

सितंबर, 597, 10

अक्टूबर, 256,12

नवंबर, 224, 11