jhankar
ब्रेकिंग
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर NSUI की बैठक, युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में श... शिक्षक दिवस पर 3 स्कूलों में युवा समाजसेवियों ने किया शिक्षकों का भव्य सम्मान न्यायाधीश ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, विधिक जागरूकता शिविर लगाया आंगनवाड़ी केन्द्र में मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पिछले 24 घंटों में जिले में 7.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के पात्र एमएसएमई के लिए मैसूर में एक्सपोजर विजिट का अवसर विकसित भारत क्विज के विजेताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष विचार रखने का मिलेगा अवसर रूस में गूंजा हरदा के युवा का नाम, अंशुल दुगाया ने किया भारत का प्रतिनिधित्व शिवानुजा प्ले स्कूल में नन्हे-मुन्नों ने राधा-कृष्ण बनकर मोहा मन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजी मनमोहक ... गौशाला है, फिर भी सड़क पर गौवंश! हंडिया में व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

नहीं मिली उमा भारती को अभिषेक की अनुमति, ताला खुलने तक अन्न त्यागा, मौके पर भारी पुलिस बल

मकड़ाई समाचार रायसेन। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रायसेन किले में पहुंच गई है, लेकिन उन्हे किले में स्थित शिव के जलाभिषेक की अनुमति नहीं मिली है, हालंकि उन्होंने बाहर से ही भगवान शिव का अभिषेक किया। वही समर्थकों को भी बाहर ही रोक दिया गया है और मीडिया को भी किले में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।हालातों को देखते हुए कलेक्टर, एसपी, डीआईजी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौके पर मौजूद है, पूरे किले को छावनी में बदल दिया गया है।

अनुमति ना मिलने पर नाराज पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अन्न त्यागने का बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब हम मंदिर का ताला खुलवाना चाहते हैं, तोड़ना नहीं। ये ताला तो बहुत छोटा है, मेरे घूंसे से भी टूट जाएगा। जब तक ताला नहीं खुलेगा, अन्न त्याग कर रही हूं।इधर, गर्भगृह का ताला खुलवाने को लेकर प्रशासन की सांसें फूल हुई हैं।हालांकि रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे ने उमा भारती को पत्र लिखकर वस्तु स्थिति से पहले ही अवगत करा दिया था कि रायसेन का किला एवं उसमें स्थित शिव मंदिर केन्द्रीय पुरातत्व विभाग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है।

- Install Android App -

मंदिर का गर्भगृह केन्द्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा सिर्फ महाशिवरात्रि पर खोला जाता है और शेष दिनों में यह बंद रहता है। जिला प्रशासन एवं राज्य शासन द्वारा शिव मंदिर के गर्भगृह को खोलने का निर्णय नहीं लिया जा सकता है।इधर जिला प्रशासन ने उमा भारती के 11 अप्रैल के प्रवास के लिए केन्द्रीय पुरातत्व विभाग को अवगत कराया है। यदि अनुमति दे देता है तो जिला प्रशासन तत्काल उमा भारती को अवगत कराएगा, अन्यथा ताला नहीं खोला जाएगा।

दरअसल, हाल ही में उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा था कि यह मान्यता है कि नवरात्रि के तुरंत बाद के पहले सोमवार को शिव जी का अभिषेक करना चाहिए। मैंने अपने कार्यालय से कल कहा था कि रायसेन जिला प्रशासन को 11 अप्रैल, सोमवार को मेरे वहां जल चढ़ाने की सूचना दें। जब मैं 11 अप्रैल, सोमवार को उस सिद्ध शिवलिंग पर गंगोत्री से लाया हुआ गंगाजल चढ़ाऊंगी तब। राजा पूरणमल, उनकी पत्नी रत्नावली, उनके मार डाले गए दोनों मासूम बेटे एवं वहशी दुर्दशा की शिकार होकर मर गई अबोध कन्या एवं उन सब के साथ मारे गए राजा पूरणमल के सैनिक उन सबका मैं तर्पण करूंगी एवं अपनी अज्ञानता के लिए क्षमा मांगूंगी।