प्रशासन के खिलाफ जनता का फूटा गुस्सा
मकड़ाई एक्सप्रेस 24इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इन दिनों एक भीषण स्वास्थ्य त्रासदी से जूझ रहा है। दूषित पानी पीने के कारण क्षेत्र में मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
शनिवार को क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों की लापरवाही और नगर निगम की विफलता के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने जल आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
बीते 24 घंटों में दो और मौतें
शुक्रवार को क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई जब दो और निवासियों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान विद्याबाई यादव (82 वर्ष) और बद्रीप्रसाद (63 वर्ष) के रूप में हुई है। विद्याबाई का निधन अरविंदों अस्पताल में हुआ,
जबकि बद्रीप्रसाद को उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन ताजा मौतों के बाद स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र में मरने वालों का कुल आंकड़ा अब 27 तक पहुंच गया है, हालांकि आधिकारिक संख्या भिन्न हो सकती है।
अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक
भागीरथपुरा के कई मरीज अभी भी शहर के विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। गंभीर हालात के बीच वर्तमान में 10 मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। दुसरी ओर दो मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।
लगातार स्क्रीनिंग जिंगा की जा रही
प्रभावित क्षेत्र मे स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, लेकिन रोजाना उल्टी-दस्त के नए मामले सामने आना बंद नहीं हुए हैं।
क्यों हो रही हैं मौतें..?
जांच में पाया गया है कि पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन के पास एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया था, जिसकी सीवेज लाइन पेयजल पाइपलाइन में मिल गई। इस घातक रिसाव के कारण पानी बैक्टीरिया से संक्रमित हो गया,
जिससे हजारों लोग बीमार पड़ गए। प्रशासन ने अब नई पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया है, लेकिन स्थानीय लोग इसे “देर से उठाया गया कदम” बता रहे हैं।

