सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिसकर्मियों पर करोड़ों रुपये की हवाला राशि जब्त कर आपस में बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिवनी एसडीपीओ पूजा पांडे को निलंबति कर दिया गया है। SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है । हवाला के करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने के मामले में SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, सिवनी जिले के बंडोल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और 1.45 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है। इससे पहले मामले में जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। बता दें कि पांडे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
हवाला के 3 करोड़ जब्त, डेढ़ करोड़ हड़पे
बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के जालना निवासी ज्वेलर्स सोहन परमार के कर्मचारियों से हवाला के करीब तीन करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी।
जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाला की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी सोहन परमार को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर लूट की शिकायत दर्ज कराई।
जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?
8 अक्टूबर, बुधवार की देर रात बंडोल पुलिस को टिप मिली थी कि कटनी से जालना जा रही एक कार (एमएच13ईके3430 ) में हवाला की बड़ी रकम 1.45 करोड़ रुपए छिपाई गई है। इसके बाद बंडोल पुलिस ने कार का पीछा किया और शीलादेही इलाके में उसे पकड़ लिया। बताया गया कि गाड़ी में जालना निवासी कथित हवाला कारोबारी-व्यापारी सोहन परमार और उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। पुलिस ने वाहन से 1.45 करोड़ की रकम जब्त की है।
पुलिसकर्मियों पर सवाल: राशि जब्ती के बाद क्या किया?
जब पुलिस ने हवाला की रकम जब्त की, तो मामला बिगड़ने की बजाय सस्पेंशन की ओर बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने रकम की पूरी जब्ती को लेकर विवादित तरीके से कुछ राशि को वापस करने का प्रयास किया। पहले तीन करोड़ की राशि जब्ती की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की रकम को जब्त करने की बात सामने आई। इसके बाद मामला गर्माया और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे।

