टूटा दुखों का पहाड़, लेकिन मानवता का फर्ज नहीं भूले, मृतकों का होगा अंगदान |
इंदौर। दर्द, पीड़ा, रुदन, आंसू...। किसी की बेटी गई, किसी का बेटा, किसी का पति तो किसी की पत्नी, फिर भी मानवता का फर्ज नहीं भूले। बेलेश्वर महादेव मंदिर की बावड़ी के हादसे में अपनों को खोने का दुख तो जीवनभर नहीं भुलाया जा सकेगा, लेकिन दुनिया…
