jhankar
ब्रेकिंग
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में प्रतिभा की अहम भूमिका- केंद्रीय राज्य मंत्री उइके खुशियों की दास्तां : पीएम स्वनिधि योजना बनी सहारा, चने-फुटाने का ठेला लगाने वाले फूलचंद कहार की बदली... हरदा में निमाड़ की कलाओं का दो दिवसीय ‘खेती खेड़ो हरि नाम की............’ उत्सव का होगा आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत 104 आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम धार्मिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारें विद्यार्थी स्व. जतिन सिंह बघेल की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 37 यूनिट रक्तदान 14 वर्षों में 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, 3 हजार से ज्यादा को रोजगार पोखरनी-हरदा बदहाल सड़क को लेकर विधायक दोगने की पदयात्रा, पूर्व मंत्री कमल पटेल से पूछे सवाल गुप्तेश्वर गौशाला में 27 लाख रुपये के भूसा शेड एवं बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण

चीनी कंपनियों के साथ प्रायोजन अनुबंध की अगले सप्ताह समीक्षा करेगी BCCI

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद देश में चीन के खिलाफ बन रहे माहौल की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) गवर्निंग काउंसिल ने चीनी प्रायोजकों के साथ अनुबंध पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह बैठक बुलाई है। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे जिसके बाद देश में चीनी उत्पादों और चीनी कंपनियों के बहिष्कार की मांग हो रही है।

BCCI ने पिछले दिनों कहा था कि वो आईपीएल प्रायोजक Vivo से तब तक नाता नहीं तोड़ेगा जब तक सरकार की तरफ से इसके निर्देश नहीं मिलते हैं, लेकिन अब बीसीसीई ने अपने नजरिए में बदलाव लाया है। BCCI ने वीवो, ड्रीम इलेवन जैसी चीनी कंपनियों के साथ हुए करार पर एक बार दोबारा विचार करने का फैसला किया है। यही वजह है कि आRपीएल की गवर्निंग बॉडी चीनी कंपनियों के साथ मौजूदा करार को लेकर अगले सप्ताह बैठक आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में चीनी कंपनियों के साथ हुए करार के भविष्य पर फैसला किया जाएगा।

IPL की मुख्य मौजूदा प्रायोजक चीनी मोबाइल कंपनी Vivo है। BCCI की घरेलू अंतरराष्ट्रीय सीरीज में पेटीएम मुख्य प्रायोजक है, जिसमें चीनी कंपनी अली बाबा का पैसा लगाहुआ है। भारतीय कंपनी बायजू (Byju’s) में भी चीनी कंपनी का पैसा लगा हुआ है।

- Install Android App -

इन कंपनियों से मिलती है मोटी रकम:

BCCI ने वीवो के साथ 2200 करोड़ रुपये में पांच साल तक के लिए करार किया है। आईपीएल का यह मुख्य प्रायोजक हर साल बीसीसीआई को 440 करोड़ रुपए देता है। पेटीएम में 37.15 प्रतिशत हिस्सा चीनी कंपनी अलीबाबा का है जो बीसीसीआई की घरेलू प्रायोजक है। बीसीसीआई ने 326.8 करोड़ रुपये में पेटीएम के साथ करार किया हुआ है। इसके अलावा फैंटेसी पार्टनर के तौर पर ड्रीम इलेवन है, जिससे मोटी रकम बीसीसीआइ को मिल सकती है।

बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा है, ‘हमें भारत और चीन के हितों को अलग-अलग रखने की जरूरत है। जो भी पैसा आ रहा है उसका 42 प्रतिशत हिस्सा भारतीय सरकार को टैक्स के रूप में मिल रहा है। लेकिन हम अब करार के बारे में सोचेंगे। यदि बीसीसीआई चीनी कंपनी से पैसा कमा रही है तो यह पैसा सरकार को भी जा रहा है और भारतीयों के काम आ रहा है।’